Friday , 25 June 2021

वर्षा जल की एक एक बूॅद का संरक्षण आवश्यक

ललितपुर . साई ज्योति संस्था द्वारा ग्राम बुढवार में समेकित आदिवासी विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत जल दिवस पर संगोष्ठि का आयोजन किया गया. इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार श्रीवास्तव पूर्व प्राचार्य वर्णी जैन इण्टर कालेज रहे. कार्यक्रम में पानी के संरक्षण के महत्व एवं न्यायपूर्ण उपयोग पर चर्चा की गई. इस अवसर पर पानी के बचाने के लिये कार्य करने वाले जल दूतों एवं जल सहयोगियों को सम्मानित भी किया गया.

इस अवसर पर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह वाक्य कि जल ही जीवन है यथार्थ में सत्य है. क्योकि एक बार व्यक्ति बिना भोजन के तो रह सकता है परन्तु बिना पानी के व्यक्ति नही रह सकता. उन्होने पानी के महत्व को बताते हुये पानी एक मात्र ऐसे चीज है जिसे बनाया नही जा सकता. उन्होने कहा कि पानी का सही एवं न्यायपूर्ण उपयोग करके हम पानी का उत्पान कर सकते है. उन्होने कहा कि यदि सही मात्रा में एवं सही समय एवं स्थान पर ही पानी का उपयोग किया जाये तो हमारे जीवन में पानी के कमी नही हो सकती. उन्होने कहा कि बारिस के पानी का सही उपयोग एवं संरक्षण ही हमारी वर्ष भर की पानी की आवष्यकता की पूर्ति के लिये पार्याप्त है. उन्होने कहा कि हमें पानी की हर बूॅद को संरक्षित करना होगा. उन्होने कहा कि खेती में तथा अन्य उपयोग में होने वाली पानी की बर्बादी को हम सभी को अपने व्यवहार में परिवर्तन कर रोकना होगा. उन्होने साई ज्योति संस्था द्वारा पानी के संरक्षण के लिये किये जा रहे कार्याें की सराहना करते हुये कहा कि इस तरह के प्रयासों को करने की आवष्यकता है.

साई ज्योति संस्था के सचिव अजय श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था द्वारा पानी के प्रति लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे है जिनके माध्यम से यह कोसिस की जा रही है कि लोग पानी का सही एवं न्यायपूर्ण उपयोग करें. पानी की हर बूॅद को बचा कर हम अपने आने वाली पीढी को पानीदार समाज देने के लिये अपना योगदान दे पायेगे. उन्होने कहा कि यह आज हमने पानी के मूल्य को नही पहचाना एवं पानी के संरक्षण पर ध्यान नही दिया जो आने वाले समय में पानी की बूॅद बूॅद के लिये हम सभी को परेषान होना होगा. उन्होने कहा कि इसके लिये हमें अपने काम में व्यवहार में थोडे थोडे से परिवर्तन करने की आवष्यकता हैं. उन्होने कहा कि खेती में सिचाई के लिये ड्रिप एवं स्प्रिंकलर का प्रयोग करें. कम पानी के फसलों को बोये तथा अपने आस पास के लोगों को भी इसके लिये प्रोत्साहित करें.

उन्होने कहा कि पानी के घर में उपयोग की भी छोटी छोटी बातों को ध्यान में रखना होगा जैसे नहाने के लिये फुब्बारे के स्थान पर बाल्टी में पानी ले कर नहायें, गाडी आदि धोने में आवष्यकता से अधिक पानी व्यर्थ न करें. उन्होने वर्षा जल संचयन के महत्व पर चर्चा करते हुये कहा कि वारिस के पानी की हर बूॅद के संरक्षण करने की बहुत आवष्यकता है.इस अवसर पर संस्था के रमन शर्मा, विनय श्रीवास्तव, राजेश राय, रमेश श्रीवास्तव, बृषभान सिंह, रवि झाॅ, नन्दलाल राजपूत, कमलेष कुषवाहा, संजय राजपूत, सीता राम पंथ, शिव सिंह, देवेन्द्र राजपूत, राहुल श्रीवास्तव, रोशनी चाॅद, सभ्यता सिंह, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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