ऐसा लगा जैसे पंजाब अपना क्यूरेटर लेकर आई थी : जहीर

लखनऊ, 2 अप्रैल . अपने क्यूरेटर द्वारा तैयार की गई पिच से एक बार फिर घरेलू टीम संतुष्ट नहीं है. पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के हाथों 22 गेंद शेष रहते आठ विकेट से मिली हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के मेंटॉर जहीर खान ने कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ जैसे विपक्षी टीम अपना क्यूरेटर लखनऊ लेकर आई थी. इस हार के साथ घर पर एलएसजी का जीत हार का अनुपात 1 के नीचे चला गया. यह भी विडंबना है कि आईपीएल में इस समय खेल रही टीमों में सिर्फ उनकी विपक्षी टीम पीबीकेएस का ही घर पर जीत हार का अनुपात 1 से कम था.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जहीर ने कहा, “यह निराशाजनक है कि आईपीएल में टीम होम एडवांटेज का फायदा उठाने की ओर देखती हैं लेकिन इस दृष्टि से सोचने पर ऐसा लगा नहीं कि क्यूरेटर ने ऐसा सोचा कि यह एक होम गेम है. ऐसा प्रतीत हुआ जैसे इस मैच के लिए पंजाब अपना क्यूरेटर लेकर आई थी.

जहीर ने कहा, ”एक टीम के तौर पर हम आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और घरेलू चरण में बचे छह मैचों हम यहां अधिक से अधिक प्रभावी प्रदर्शन करने की ओर देख रहे हैं. एक टीम के तौर पर हम अलग तरह की सोच रखते हैं, हमारे अंदर लड़ने का जज्बा है और भूख है.”

तेज गेंदबाजों की चोट की मार झेल रही एलएसजी को एक ऐसी पिच की ज़रूरत थी जो स्पिन को मदद पहुंचाए. एलएसजी ने इस मैच में सिर्फ दो तेज गेंदबाज खिलाए थे, जिसमें शार्दुल ठाकुर को अंतिम समय में जोड़ा गया था. शामर जोसेफ के रूप में उनके दल में सिर्फ एक विदेशी तेज गेंदबाज है.

अर्शदीप सिंह, लॉकी फर्ग्यूसन और मार्को यानसन की तिकड़ी के साथ मार्कस स्टॉयनिस के दो उपयोगी ओवरों की बदौलत पीबीकेएस एलएसजी पर हावी रहा और उन्होंने 13 ओवर में 112 रन देकर कुल पांच विकेट चटकाए.

जहीर ने पिच के गलत आकलन का हवाला देते हुए घरेलू टीम के लिए अनुकूल परिस्थितियां मुहैया कराने की मांग की. उन्होंने कहा, “हम यही कह रहे हैं, हम उसी रणनीति के साथ खेलने जाएंगे जैसी जानकारी हमें क्यूरेटर से मिलेगी. हम इसे बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं कर रहे. हमने पिछले सीजन भी देखा था कि यहां पर बल्लेबाजों ने भी संघर्ष किया था. यह सब क्रिकेट में होता है लेकिन होम टीम को फायदा मिलना चाहिए. हर किसी के योगदान की जरूरत है लेकिन हम मैच जीतने के अन्य तरीके ढूंढेंगे.”

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान ऋषभ पंत ने भी कहा कि वह एक धीमी पिच की अपेक्षा कर रहे थे. उन्होंने एम सिद्धार्थ के रूप में अतिरिक्त स्पिनर खिलाने के लिए तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को भी बाहर बैठा दिया था. जब उनसे पावरप्ले में तीन ओवर स्पिन से कराए जाने का सवाल किया गया तब उन्होंने कहा, “हम यही सोच रहे थे कि हमें एक धीमी विकेट मिलेगी. हमें लगा कि यह होम गेम है इसलिए गेंद फंस कर आएगी. मेरे ख़्याल से स्टंप की लाइन में धीमी गेंद करने पर गेंद हल्का फंस जरूर रही थी लेकिन यह पर्याप्त नहीं था. यह हमारा पहला होम गेम था और हम अभी भी यहां की परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं.”

कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बाद घरेलू परिस्थितियों के प्रति असंतोष जाहिर करने वाली एलएसजी तीसरी टीम है. केकेआर ने स्पिन को अधिक मदद मिलने की वकालत की थी तो वहीं घर पर आईपीएल में सबसे बेहतर जीत हार का अनुपात रखने वाली सीएसके का मानना है कि पिछले दो वर्षों से उन्हें घरेलू परिस्थितियों का आकलन करने में कठिनाई हो रही है.

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