Thursday , 22 October 2020

कोरोना प्रसार कम करने में एन 95 मास्क सबसे अधिक प्रभावी : इसरो शोधकर्ता


नई दिल्ली (New Delhi) . जानलेवा कोरोना (Corona virus) की रोकथाम के लिए मास्क की अनिवार्यता जरूरी है. इसके प्रकार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के शोधकर्ताओं के ने एन 95 मास्क की वकालत की है. अध्ययन में कहा गया है कि वायरस को रोकने के लिए जरूरी है की लोग मास्क पहने फिर चाहे वो कोई भी हो.

शोधकर्ताओं ने इस बात का भी उल्लेख किया कि खांसने और छींकने के दौरान पैदा होने वाली संक्रामक बूंदों से हवा के जरिए वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा है.
इसरो से पद्मनाभ प्रसन्ना सिम्हा, और कर्नाटक (Karnataka) में श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च से प्रसन्ना सिम्हा मोहन राव ने विभिन्न परिदृश्यों के तहत खांसी के प्रवाह क्षेत्रों की प्रयोगात्मक रूप से अध्ययन किया. जर्नल ऑफ फिजिक्स ऑफ फ्लूइड्स में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि एन 95 मास्क वायरस खांसी के प्रसार को कम करने में सबसे प्रभावी है.

शोधकर्ताओं ने कहा कि एन 95 मास्क खांसी के शुरुआती वेग को 10 कारक तक कम कर सकता है और इसके प्रसार को 0.1 से 0.25 मीटर तक सीमित करता है. इसके विपरीत, बिना मास्क के खांसी का वेग तीन मीटर तक जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक साधारण डिस्पोजेबल मास्क भी इस वेग को 0.5 मीटर तक नीचे ला सकता है. सिम्हा ने कहा कि भले ही एक मास्क सभी कणों को फ़िल्टर नहीं कर सकता, लेकिन अगर हम ऐसे कणों के बादलों को बहुत दूर जाने से रोक सकते हैं तो यह कुछ भी नहीं करने से बेहतर है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में जहां एक अच्छा मास्क उपलब्ध नहीं हैं, संक्रमण के प्रसार को कम करने में बेहतर होगा की लोग कोई भी मास्क पहने.