
New Delhi, 23 फरवरी . Prime Minister Narendra Modi दो दिवसीय विदेश दौरे पर इजरायल जाने वाले हैं. India में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने पीएम मोदी के इजरायल दौरे को लेकर समाचार एजेंसी के साथ खास बातचीत की.
उन्होंने कहा कि इजरायल India के साथ अपने द्विपक्षीय रक्षा समझौते को बढ़ाने की योजना बना रहा है ताकि अपनी टेक्नोलॉजी शेयर की जा सके और India में मिलिट्री हार्डवेयर बनाया जा सके. साथ ही लेटेस्ट आयरन डोम और दूसरे डिफेंस सिस्टम में भी सहयोग बढ़ाया जा सके.
महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने दोनों देशों के बीच संबंध को लेकर कहा, “सबसे पहले मुझे गर्व है कि न सिर्फ दोनों देशों के बीच, बल्कि दोनों नेताओं के बीच भी बहुत मजबूत कनेक्शन है. हमने यह देखा और हम जानते हैं कि वे अक्सर बात करते हैं और वे एक विजन शेयर करते हैं. खास तौर पर, जैसा कि मैंने कहा, क्योंकि हम एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और India आज इजरायल का एक बड़ा पार्टनर है और वे दोनों नेता, वे करीबी दोस्त हैं और वे एक ही विजन शेयर करते हैं, जो बहुत जरूरी है.”
पीएम के इजरायल दौरे को लेकर रेवाच ने कहा, “हम बहुत उत्साहित हैं कि Prime Minister मोदी इस हफ्ते इजरायल जा रहे हैं. इजरायल और India के बीच खास संबंधों को समझना जरूरी है और हम आज India को एक ग्लोबल सुपरपावर के तौर पर देखते हैं. इजरायल के इस दौरे के बारे में एक कैबिनेट प्रस्ताव भी है और यह कुछ पहलुओं, Political, आर्थिक और रक्षा प्रस्तावों पर ध्यान देगा.”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है, क्योंकि जब आप दोनों नेताओं को एक साथ मिलते हुए देखेंगे और इस एजेंडा को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे और खास तौर पर दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए कुछ प्रस्तावों को बढ़ावा देंगे, और कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे, तो यह प्राइवेट सेक्टर, कंपनियों तक जाएगा, ताकि वे भी सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश करें. साथ ही, दोनों देश आतंकवाद से भी निपट रहे हैं, तो यह उनके लिए भी एक संदेश है, और Prime Minister नेतन्याहू ने खास तौर पर कहा कि इस दौरे का एक पहलू रक्षा सहयोग है, और हम India के साथ रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने और अपग्रेड करने की कोशिश करते हैं, निश्चित रूप से.”
महावाणिज्यदूत ने कहा, “हम इस इलाके की संवेदनशीलता को समझते हैं, और यही एक वजह है कि हम India और अब्राहम अकॉर्ड्स के देशों और कुछ अफ्रीकी देशों के साथ, और मिडिल ईस्ट के देशों, जिनमें साइप्रस और ग्रीस भी शामिल हैं, के साथ मिलकर एक अलग एक्सिस बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि रेडिकल एक्सिस से निपटा जा सके. यह बहुत जरूरी है कि Prime Minister मोदी इस हफ्ते इजरायल जाएं और इस पहल को बढ़ावा देने की कोशिश करें.”
दोनों देशों के बीच डिफेंस डील को लेकर उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच लगातार रक्षा सहयोग बढ़ रहा है, जो बहुत अनोखा और मजबूत है, जो हम दोनों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि हम दोनों ही आपसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. अब, Prime Minister Narendra Modi के इस खास दौरे के दौरान, हम इस समझौते को बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं ताकि खास मुद्दों पर फोकस किया जा सके, जैसे India में मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा सहयोग और इजरायल में आयरन डोम और दूसरे डिफेंस सिस्टम के बारे में सहयोग ताकि हम असल में India में अपने पार्टनर के साथ टेक्नोलॉजी शेयर कर सकें.”
रक्षा समझौते पर मुख्य फोकस को लेकर उन्होंने कहा, “डिफेंस एक अहम मुद्दा है. मैं यह नहीं कहना चाहता कि इस दौरे में डिफेंस ही एकमात्र जरूरी मुद्दा है जिस पर बात होगी. हमें यह समझने की जरूरत है कि हमारी वैल्यूज एक जैसी हैं और बदकिस्मती से, हमारे पास एक जैसी चुनौतियां भी हैं. तो जैसा कि पीएम नेतन्याहू ने इस हफ्ते कहा, सबसे पहले, हमारे पास रेडिकल एक्सिस, शिया संगठनों के मुस्लिम रेडिकल एक्सिस के खिलाफ एक चुनौती है. हमारे पास रेडिकल सुन्नी एक्सिस भी है. अब डिफेंस के मुद्दों पर फोकस करना जरूरी है, लेकिन आर्थिक और Political सहयोग पर भी फोकस करना जरूरी है. हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में परमानेंट सीट के लिए India की जरूरतों को भी समझते हैं.”
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केके/डीकेपी