
तेहरान, 2 अप्रैल . ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर देश के फार्मास्यूटिकल हब को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. India में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने एक तस्वीर साझा कर कहा कि हजारों गंभीर रूप से बीमार मरीज इंसानी तबाही के कगार पर आ गए हैं.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी राजदूत फथाली ने लिखा, “ईरान के फार्मास्यूटिकल हब को टारगेट करने से हजारों गंभीर रूप से बीमार मरीज इंसानी तबाही के कगार पर आ गए हैं. मानवाधिकार विशेषज्ञ इसे ‘युद्ध अपराध’ का साफ और खुला उदाहरण मानते हैं. आधुनिक बर्बरता.”
इराक में अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा है कि इराक में ईरान से जुड़े मिलिशिया समूह अगले 24-48 घंटों में सेंट्रल बगदाद में हमले करने का विचार कर सकते हैं. इसमें संभावित टारगेट के तौर पर अमेरिकी नागरिक, बिजनेस, यूनिवर्सिटी, डिप्लोमैटिक फैसिलिटी, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, होटल, एयरपोर्ट, और दूसरी जगहें जो अमेरिका से जुड़ी मानी जाती हैं, साथ ही इराकी संस्थान और सिविलियन टारगेट को लिस्ट में शामिल किया गया है.
दूतावास ने बताया कि दो दिन पहले बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार के अपहरण की खबरों के बाद मिलिशिया ने अमेरिकियों को अपहृत करने के लिए टारगेट किया है. दूतावास ने चेतावनी दी, “अमेरिकी नागरिकों को अब इराक छोड़ देना चाहिए.”
काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) ने ईरान को ‘वापस पाषाण युग में भेजने’ की ट्रंप की धमकी की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि ये बातें मुस्लिम विरोधी, नस्लवादी और अमानवीय हैं. सीएआईआर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करना एक वॉर क्राइम है.”
इसके साथ ही उन्होंने सांसदों से युद्ध रोकने के लिए कार्रवाई करने की अपील की. इसमें कहा गया, ”ट्रंप Government ने इजरायल को हमारे देश को अमेरिकी लोगों की मर्जी के खिलाफ एक गैर-कानूनी हमले की लड़ाई में घसीटने दिया. जब अगले हफ्ते कांग्रेस वापस आएगी, तो सीएआईआर नेताओं से युद्ध शक्ति प्रस्ताव पास करने, लड़ाई बढ़ाने के लिए फंडिंग रोकने और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ की तुरंत वॉर क्राइम के लिए जांच करने की अपील करेगा.”
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केके/एबीएम