
New Delhi, 6 अप्रैल . श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने पुष्टि की है कि मथीशा पथिराना और वानिंदु हसरंगा उन 15 श्रीलंकाई खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने अब तक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत अनिवार्य फिटनेस टेस्ट नहीं दिया है. इनके अलावा, 6 अन्य खिलाड़ी ऐसे हैं जो कम से कम एक बार इस फिटनेस टेस्ट में फेल हो चुके हैं.
कुल 45 अनुबंधित खिलाड़ियों में से अभी तक सिर्फ 24 खिलाड़ी ही इस टेस्ट को पास कर पाए हैं. जिन खिलाड़ियों ने अभी टेस्ट नहीं दिया है, उनके कारण अलग-अलग हैं. इनमें कुछ चोटिल हैं, जबकि कुछ को लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है.
हालांकि, सबसे ज्यादा ध्यान हसरंगा और पथिराना पर है, क्योंकि दोनों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में खेलना है. हसरंगा Lucknow सुपर जायंट्स (एसएसजी) और पथिराना कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का हिस्सा हैं. ऐसे में, उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लीयर करना बेहद अहम हो जाता है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शेड्यूल पर पड़ सकता है.
हसरंगा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक नजर आ रही है. एसएलसी के एक सूत्र ने बताया कि “हसरंगा ने अभी तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के अनुरोध नहीं किया है.” 28 वर्षीय लेग-स्पिनर को फरवरी में आयरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया था. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह अपना फिटनेस टेस्ट कब देंगे.
पथिराना भी इसी टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हुए थे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान उनकी पिंडली की मांसपेशी में खिंचाव आ गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने नेट्स में गेंदबाजी करना शुरू कर दिया है. खिलाड़ी के करीबी सूत्रों को उम्मीद है कि वह अप्रैल के मध्य तक आईपीएल खेलने India पहुंच जाएंगे. हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट के अनिवार्य फिटनेस टेस्ट के लिए अभी तक कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है. हालांकि, यह संकेत मिलता है कि यह टेस्ट अगले हफ्ते होने की संभावना है.
एसएलसी ने अपने फिटनेस कल्चर में बड़ा बदलाव करते हुए इसे घरेलू नेशनल सुपर लीग तक भी लागू कर दिया है, जिसकी शुरुआत Monday से हुई.
इस टूर्नामेंट के लिए फिटनेस टेस्ट के नियम थोड़े कम सख्त हैं. खिलाड़ियों को सिर्फ 2 किलोमीटर दौड़ना होता है और एक ‘स्किनफोल्ड टेस्ट’ देना होता है. इसमें कोई प्वाइंट नहीं दिए जाते. इन खिलाड़ियों को बस न्यूनतम तय सीमा को पार करना होता है. वहीं, सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों के लिए 20 मीटर की स्प्रिंट, 5-0-5 एजिलिटी टेस्ट और ‘काउंटर मूवमेंट जंप’ जैसे टेस्ट होते हैं. इनमें प्रत्येक टेस्ट में एक से लेकर पांच तक प्वाइंट्स मिलते हैं. इसके अलावा, 2 किलोमीटर की दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट में भी सात-सात प्वाइंट्स पाने का मौका होता है. टेस्ट पास करने के लिए कुल 29 में से 17 प्वाइंट्स हासिल करने जरूरी होते हैं.
एसएलसी की ओर से लागू नए फिटनेस नियमों के तहत, टूर्नामेंट में भाग ले रहे 87 खिलाड़ियों में से 23 खिलाड़ी न्यूनतम फिटनेस मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं. इन खिलाड़ियों को 19 अप्रैल तक का समय दिया गया है, ताकि वे फिटनेस टेस्ट पास कर सकें. अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें खेलना जारी रखने की अनुमति तो होगी, लेकिन उन्हें मैच फीस नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही, टूर्नामेंट में उनके भविष्य के प्रतिनिधित्व पर भी सवाल उठ सकते हैं.
–
आरएसजी