पौराणिक महत्व वाले कटिहार में दिलचस्प मुकाबला, तारिक के जरिए कांग्रेस खोई जमीन हथियाने में जुटी

कटिहार, 22 अप्रैल . पौराणिक और राजनीतिक महत्व रखने वाली कटिहार की धरती पर किसानों की मेहनत से आम के बगान और पोखरों में मखान के पत्ते देखकर आप इस क्षेत्र की समृद्धि का अंदाजा लगा जा सकते हैं. जूट की पहचान वाले इस कटिहार की राजनीतिक समझ भी किसी क्षेत्र से कम नहीं. तभी तो सीताराम केसरी, मोहम्मद यूनुस सलीम, तारिक अनवर जैसे दिग्गज इस क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

इस चुनाव में भी पांच नदियों के किनारे बसे इस कटिहार क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प दिखाई दे रहा है. महागठबंधन की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर को चुनावी मैदान में उतार कर कांग्रेस अपनी खोई जमीन हथियाने की फिराक में है, तो एनडीए ने जदयू के दुलालचंद गोस्वामी को फिर से उतारकर मुक़ाबले को दिलचस्प बना दिया है.

पिछले लोकसभा चुनाव में भी इन दोनों के ही बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें गोस्वामी भारी पड़े थे और पहली बार सांसद बने थे.

वैसे, आंकड़ों पर नजर डालें तो कटिहार की पहचान तारिक अनवर से होती है. यहां से वे 11 बार चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार विजयी रहे हैं. 1980 में कांग्रेस के टिकट पर तारिक अनवर ने यहां से पहली बार जीत दर्ज की थी. इसके बाद 1984, 1996, 1998 और 2014 में उन्होंने अपना परचम लहराया.

भाजपा के निखिल कुमार चौधरी को भी यहां तीन बार प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. इस चुनाव में तारिक अनवर और दुलारचंद गोस्वामी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है.

इसके अलावा कटिहार सीट पर बहुजन समाज पार्टी के गोपाल कुमार महतो, भारत जोड़ो जनता पार्टी से विष्णु सिंह, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया से मरांग हांसदा, राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी से राज कुमार मंडल, समाज शक्ति पार्टी से बिंदु कुमारी और निर्दलीय प्रत्याशी भी यहां से भाग्य आजमा रहे हैं.

यहां छह विधानसभा सीट कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी और बरारी हैं. इनमें कटिहार और प्राणपुर में भाजपा, कदवा और मनिहारी में कांग्रेस, बरारी में जदयू और बलरामपुर में सीपीआई एमएल के विधायक हैं.

करीब 21 लाख मतदाताओं वाले सीमांचल की इस सीट पर एक बार फिर महागठबंधन को एम वाई समीकरण पर भरोसा है तो दूसरी तरफ एनडीए को प्रधानमंत्री के चेहरे, पिछड़े और अति पिछड़े, सवर्ण के साथ नीतीश कुमार के नाम पर कुछ मुस्लिम मतदाताओं से भी आसरा है.

यह क्षेत्र पौराणिक महत्व वाला भी माना जाता है. मान्यता है कि भगवान कृष्ण भी यहां अपने खोए आभूषण को खोजने आए थे. बिहार में सभी सात चरणों के तहत मतदान होना है. बिहार की कुल 40 सीटों में से पहले चरण में चार सीटों पर चुनाव हो चुका है. कटिहार के मतदाता लोकसभा के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान करेंगे.

एमएनपी/