Thursday , 29 July 2021

महंगाई की मार अब प्रिंटिंग प्रेस संचालकों पर

भोपाल (Bhopal) . प्रदेश भर में बढ रही महंगाई का असर अब प्रिंटिंग प्रेस संचालकों पर भी पडने लगा है. यह वजह है ‎कि प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने भी छपाई की दरें बढाने का फैसला ‎लिया है. प्रिंटिंग प्रेस संचालकों का कहना है ‎कि कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हो गई है. इसी‎लिए राजधानी के प्रिंटिंग प्रेस संचालक बैनर, फ्लैक्स, पोस्टर आदि की दरें 30 फीसद तक बढ़ाएंगे. भोपाल (Bhopal) मास्टर प्रिंटर्स एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है.

एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में कच्चे माल की कीमतें काफी बढ़ गई है. इससे प्रिंटिंग उद्योग की दशा बिगड़ गई है. कागज, प्लेट्स, केमिकल, स्याही, लेमिनेशन फिल्म, ग्लू एवं अन्य कच्चे माल की कीमतों में काफी उछाल आया है. भोपाल (Bhopal) मास्टर्स प्रिंटर्स एसोसिएशन (बीएमपीए) की कार्यकारिणी की बैठक में इस महंगाई पर गहरी चिंता जताई. एसोसिएशन का तर्क है कि इनपुट की लागत बढ़ने का असर उत्पाद पर आ रहा है. दूसरी ओर कोरोना के बाद बाजार में सुस्ती व कम जॉब वर्क के कारण उस अनुपात में दरें नहीं बढ़ पा रही है.

इस मध्य स्याही और केमिकल की कीमत में 20 फीसदी, पेपर और पेपर बोर्ड की कीमत में 30 से 35 फीसदी, लेमिनेशन फिल्म और ग्लू की कीमत में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. एक अनुमान के अनुसार भोपाल (Bhopal) एवं इसके आसपास करीब 10 हजार कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत है. महंगाई बढ़ने से उन पर भी बोझ बढ़ गया है. इसलिए एसोसिएशन ने प्रिंटिंग प्रोडक्टस एवं सेवाओं की दरें 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. ऑल इंडिया फेडरेशन के पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष एवं बीएमपीए के सचिव मनोज अग्निहोत्री ने बताया कि कच्चा माल महंगा होने सेप्रिंटिंग उद्योग भारी नुकसान हो रहा है. इनमें 85 प्रतिशत इकाइयां माइक्रो सेक्टर के रूप में है, जो बंद होने की कगार पर है.

 

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