नई दिल्ली, 12 दिसंबर . सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि भारत के इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (आईआईपी) में अक्टूबर में सालाना आधार पर 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो इस साल सितंबर में 3.1 प्रतिशत थी.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर अक्टूबर में 4.1 प्रतिशत रही है. इस सेक्टर की आईआईपी में हिस्सेदारी करीब तीन-चौथाई है.
यह सेक्टर देश के इंजीनियरिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों से निकलने वाले युवा स्नातकों को गुणवत्तापूर्ण नौकरियां प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की 23 इंडस्ट्री में से 18 ने अक्टूबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है. वृद्धि में सबसे अधिक योगदान बेसिक मेटल का 3.5 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल उपकरणों का 33.1 प्रतिशत और कोक एवं रिफाइंड पेट्रोलियम का 5.6 प्रतिशत रहा है.
अक्टूबर में इलेक्ट्रिसिटी और खनन क्षेत्रों के उत्पादन में क्रमशः 2 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन जिसमें कारखानों में उपयोग की जाने वाली मशीनें शामिल हैं, 3.1 प्रतिशत बढ़ा है.
यह सेगमेंट अर्थव्यवस्था में हो रहे वास्तविक निवेश को दर्शाता है जिसका भविष्य में नौकरियों और आय के सृजन पर गुणक प्रभाव पड़ता है.
सितंबर के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेफ्रिजरेटर और टीवी जैसे टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में भी 5.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो बढ़ती आय के बीच इन वस्तुओं की उच्च उपभोक्ता मांग को दर्शाती है.
साबुन और सौंदर्य प्रसाधन जैसी गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन समीक्षा अवधि के दौरान 2.7 प्रतिशत बढ़ा है.
आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के दौरान इंटरमीडिएट वस्तुओं के उत्पादन में 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में बुनियादी ढांचे/निर्माण वस्तुओं में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
सरकार द्वारा गुरुवार को महंगाई के आंकड़े भी जारी किए गए हैं. खुदरा महंगाई दर नवंबर में कम होकर 5.48 प्रतिशत हो गई है, जो कि अक्टूबर में 6.21 प्रतिशत थी.
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एबीएस/