नई दिल्ली, 28 फरवरी . भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गई है, जो कि इससे पहले की तिमाही में 5.6 प्रतिशत (संशोधित अनुमान) थी. यह जानकारी सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई.
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
सरकार द्वारा जारी किए गए अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस दौरान चालू वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
इसके अलावा, सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए जीडीपी विकास दर अनुमान संशोधित करके 5.6 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले 5.4 प्रतिशत था.
आंकड़ों में बताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में रियल जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) 171.80 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो कि वित्त वर्ष 2023-24 में 161.51 लाख करोड़ रुपये था. चालू वित्त वर्ष में इसकी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि पिछले वित्त वर्ष 8.6 प्रतिशत थी.
वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नॉमिनल जीवीए 300.15 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो कि वित्त वर्ष 2023-24 में 274.13 लाख करोड़ रुपये था. इसमें सालाना आधार पर 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
ताजा आंकड़ों में, वित्त वर्ष 2023-24 के लिए रियल जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को बढ़ाकर 9.2 प्रतिशत कर दिया गया है, जो कि वित्त वर्ष 2021-22 को छोड़कर बीते 12 वर्षों में सबसे तेज वृद्धि दर है. इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 12.3 प्रतिशत, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 10.4 प्रतिशत, फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई.
इसके अलावा वित्त वर्ष 2024-25 में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत, फाइनेंशियल, रियल एस्टेट एंड प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर के 7.2 प्रतिशत, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज सेक्टर के 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है.
–
एबीएस/