
New Delhi, 30 जनवरी . India और अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक का दूसरा राउंड राष्ट्रीय राजधानी New Delhi में हो रहा है. इस मौके पर तमाम अरब देशों के विदेश मंत्रियों का जमावड़ा हुआ है. भारत-अरब विदेश मंत्री की बैठक से इतर ईएएम एस जयशंकर सभी देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठक कर रहे हैं. इस बीच तमाम नेता और मंत्री भारत-अरब संबंधों पर अपनी राय भी रख रहे हैं.
अरब लीग के प्रमुख अहमद अबुल घीत ने कहा, “मैंने काउंसिल के बारे में पढ़ा और मैं सच में बहुत प्रभावित हुआ और India की विदेश नीति और भारतीय विदेश नीति से जुड़े संस्थानों को बेहद जानकार और गहरा माना जाता है, इतना कि मैं कल अपने एक सहायक, असल में अपने स्पीच राइटर से कह रहा था कि अगर आपको अच्छी और बढ़िया किताबें चाहिए और साथ ही बहुत महंगी भी नहीं, तो दिल्ली के बुकस्टोर पर जाएं.”
बता दें, अहमद अबुल घीत दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए Thursday को New Delhi पहुंचे. विदेश मंत्रालय ने मिस्र के नेता और डिप्लोमैट अहमद अबुल घीत का गर्मजोशी से स्वागत किया.
यूनियन ऑफ अरब चैंबर्स के सेक्रेटरी जनरल खालिद एम हनाफी ने कहा, “मैं इसे न सिर्फ Political संबंध बल्कि आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को भी बेहतर बनाने के एक बहुत अच्छे मौके के तौर पर देखता हूं क्योंकि हमारा मानना है कि ज्यादा बिजनेस, ज्यादा सांस्कृतिक गतिविधियां करके Political संबंध बेहतर किए जा सकते हैं. इसलिए मुझे लगता है कि 22 अरब देशों और India में उनके समकक्षों के साथ यह मीटिंग ज्यादा बिजनेस, ज्यादा आर्थिक मौकों, दोनों तरफ से श्रमिक के ज्यादा मोबिलाइजेशन के मामले में बहुत अच्छी होगी.”
उन्होंने कहा, “आजकल India और मिस्र के बीच Political संबंध बहुत अच्छे हो रहे हैं, और इससे मजबूत आर्थिक और व्यापारिक संबंधों का रास्ता बनता है. मेरा सुझाव है कि भारतीय मिस्र में, खासकर स्वेज कैनाल क्षेत्र में, एक भारतीय जोन बनाने के बारे में सोचना शुरू करें, ताकि भारतीय कंपनियां वैल्यू-एडेड गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए एक हब बन सकें.”
India और अरब देशों के चैंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर के वाइल अव्वाद ने कहा, “यह मंत्री एस जयशंकर के साथ एक मिनिस्टीरियल मीटिंग है. India और अरब देशों के बीच बहुत अच्छे रिश्ते हैं.”
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केके/एबीएम