भारत ने जीती पीडी चैंपियंस ट्रॉफी 2025, खेल मंत्री ने दिव्यांग क्रिकेट टीम को किया सम्मानित

मुंबई, 5 अप्रैल . भारत की दिव्यांग क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के कोलंबो में हुई पीडी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार जीत हासिल की है. फाइनल में इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी अपने नाम करने वाली इस टीम को महाराष्ट्र के खेल और युवा कल्याण मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बधाई दी. उन्होंने मुंबई में राज्य मंत्रालय परिसर में टीम को सम्मानित किया और कहा कि सरकार दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हर तरह की मदद करेगी.

5 अप्रैल को हुए इस सम्मान समारोह में मंत्री भरणे ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और जुनून ने देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने टीम के हौसले की सराहना की और इसे दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. भरणे ने कहा कि यह जीत न सिर्फ क्रिकेट के लिए, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार आगे भी ऐसे खिलाड़ियों को पूरा समर्थन देगी ताकि वे और बेहतर कर सकें.

टीम की कप्तानी विक्रांत केनी ने की, जबकि रवींद्र संते उप-कप्तान थे. ऑलराउंडर आकाश पाटिल और बल्लेबाज कुणाल फांसे जैसे खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया. इस मौके पर कई खास लोग मौजूद थे, जिनमें डीसीसीआई समिति के सदस्य कल्पेश पुंडलिक गायकर, व्हीलचेयर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वनाथ गुरव, मुंबई व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान राहुल रामुगाडे और पैरा शूटर प्रशांत विष्णु नेरपगारे शामिल थे.

मंत्री ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने मुश्किल हालातों को पार करके यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और लगन के आगे कोई बाधा नहीं टिकती. यह जीत भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की कोशिश है कि ऐसे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, ट्रेनिंग और मौके मिलें, ताकि वे दुनिया में और नाम कमाएं.

टीम के खिलाड़ियों ने इस सम्मान के लिए खुशी जताई और कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है. कप्तान विक्रांत केनी ने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबला कड़ा था, लेकिन टीम ने एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन किया. इस जीत से न सिर्फ टीम का हौसला बढ़ा है, बल्कि देश भर के दिव्यांग युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी.

महाराष्ट्र खेल मंत्रालय के मुताबिक, यह आयोजन खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम करने का एक छोटा प्रयास था. आने वाले दिनों में सरकार की ओर से ऐसी और पहल की उम्मीद है.

एसएचके/एएस