नई दिल्ली, 2 अप्रैल . ई-स्पोर्ट्स की दुनिया में भारत की सशक्त उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए इंडिया ई-स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2025 का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी ) द्वारा क्राफ्टन इंडिया के सहयोग से इन्वेस्ट इंडिया की साझेदारी में हुआ.
ई-स्पोर्ट्स को पारंपरिक खेलों की श्रेणी में लाने और इसे बाकी परंपरागत खेलों से जोडने के उद्देश्य से इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया. हाल ही में एशियाई खेलों में ई-स्पोर्ट्स को एक पदक खेल के रूप में शामिल किया गया था और अगस्त 2025 में रियाद में ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप का आयोजन किया जाएगा, इसके साथ ही, एशियाई खेल 2026 में ई-स्पोर्ट्स एक प्रमुख आकर्षण बनने जा रहा है, ई-स्पोर्ट्स की यह प्रगति न केवल खिलाड़ियों और उद्योग के लिए नई संभावनाएं खोल रही है, बल्कि इसे मुख्यधारा के खेलों के साथ जोड़कर एक नई पहचान भी दे रही है.
इस अवसर पर युवा मामले और खेल मंत्रालय की केंद्रीय राज्य मंत्री, श्रीमती रक्षा निखिल खडसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. उन्होंने भारत में ईस्पोर्ट्स के बढ़ते प्रभाव, डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और सरकार द्वारा ईस्पोर्ट्स को मुख्यधारा में शामिल करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, ”ई-स्पोर्ट्स तेजी से बढ़ते उद्योग और अपार क्षमता के साथ खेल शासन का एक दायरा है. माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सही नीतियों और निवेश से ई-स्पोर्ट्स में वैश्विक शक्ति केंद्र बनने को तैयार है.” उद्योग के नेताओं, नीति निर्माताओं और गेमिंग पेशेवरों के साथ आज की चर्चा ने भारत में प्रतिस्पर्धात्मक गेमिंग के महत्वपूर्ण अवसरों, चुनौतियों और भविष्य पर प्रकाश डाला.
इस कॉन्क्लेव में ई-स्पोर्ट्स उद्योग के विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और निवेशकों ने भाग लिया और भारत को ईस्पोर्ट्स का वैश्विक केंद्र बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की. विभिन्न पैनल चर्चाओं में ईस्पोर्ट्स का भविष्य, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत की पदक संभावनाएं और ईस्पोर्ट्स उद्योग के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया गया.
क्राफ्टन इंडिया के कार्यकारी सीन हयूनिल सोन, इन्वेस्ट इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमूल्य साह, उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव आनंदेश्वर पांडे सहित अन्य दिग्गजों ने अपने विचार साझा किए.
इस ऐतिहासिक ई-स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव ने भारत में डिजिटल खेलों की दिशा में एक नई क्रांति की नींव रखी, जिससे देश ईस्पोर्ट्स के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है.
इस कॉन्क्लेव में बंगारराजु, निदेशक – युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार, अमूल्य साह , सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, इन्वेस्ट इंडिया, और आनंदेश्वर पांडे , महासचिव, उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन जैसे गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम का शुभारंभ पेफी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पीयूष जैन के स्वागत भाषण से किया गया.
कार्यक्रम में श्रीमती श्रेया सिंघल, अतिरिक्त निदेशक – शिक्षा विभाग, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. उन्होंने ई-स्पोर्ट्स को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इससे युवाओं को एक सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में प्रतिस्पर्धा करने और डिजिटल कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा, “ई-स्पोर्ट्स को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए इसे शिक्षा का हिस्सा बनाना जरूरी है. इससे युवा खिलाड़ियों के लिए एक संरचित करियर मार्ग तैयार होगा और वे खेल के साथ-साथ अपनी शैक्षणिक क्षमताओं को भी विकसित कर सकेंगे.”
कॉन्क्लेव में तीन प्रमुख पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिसमें ईस्पोर्ट्स उद्योग के दिग्गजों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया.
पहला सत्र “भारत में ई-स्पोर्ट्स का भविष्य” पर केंद्रित था, जिसमें विशेषज्ञों ने ई-स्पोर्ट्स को पारंपरिक खेलों के साथ जोड़ने, करियर की संभावनाओं और इसके राजस्व मॉडल पर विस्तृत चर्चा की. प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि ईस्पोर्ट्स में करियर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कोचिंग, इवेंट मैनेजमेंट, गेम डेवलपमेंट और ब्रॉडकास्टिंग जैसे कई अवसर मौजूद हैं.
दूसरा सत्र “ई-स्पोर्ट्स में भारत की पदक जीतने की संभावनाएं” पर आधारित था. इस सत्र में भारत के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने के लिए आवश्यक रणनीतियों, प्रशिक्षण पद्धतियों और सरकार से अपेक्षित समर्थन पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने बताया कि एशियन गेम्स और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी को बढ़ाने के लिए एक दीर्घकालिक योजना की जरूरत है.
तीसरा और अंतिम सत्र “भारत में ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का निर्माण” पर केंद्रित रहा, जिसमें ईस्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप, तकनीकी नवाचार और जमीनी स्तर पर विकास की संभावनाओं को विस्तार से बताया गया. विशेषज्ञों ने उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निवेश, सरकारी नीतियों और शिक्षा प्रणाली के साथ ईस्पोर्ट्स के एकीकरण पर जोर दिया.
समापन समारोह के मुख्य अतिथि बंगारराजु ने ई-स्पोर्ट्स के विकास में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि भारत को ईस्पोर्ट्स के वैश्विक मंच पर अग्रणी बनाने के लिए सरकार, उद्योग जगत और शिक्षा क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ई-स्पोर्ट्स नीति को सुदृढ़ करने, निवेश को आकर्षित करने और खिलाड़ियों के लिए संरचित करियर मार्ग बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है.
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. ए.के. बंसल, द्रोणाचार्य अवार्डी (हॉकी) एवं अध्यक्ष – पेफी, और अश्विनी साहू, कंसल्टेंट – एडवेंचर स्पोर्ट्स, ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी ने ईस्पोर्ट्स के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए. इसके बाद डॉ. पीयूष जैन, राष्ट्रीय सचिव – पेफी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने क्राफ्टन इंडिया, इन्वेस्ट इंडिया और अन्य साझेदारों का आभार व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि ईस्पोर्ट्स उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर सहयोग और समर्थन आवश्यक है.
इस ऐतिहासिक ईस्पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2025 ने भारत में डिजिटल खेलों के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और संभावनाओं के द्वार खोले हैं. ईस्पोर्ट्स के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती रुचि, तकनीकी प्रगति और सरकारी समर्थन से भारत जल्द ही ईस्पोर्ट्स का एक वैश्विक हब बनने की ओर अग्रसर होगा. युवा खिलाड़ियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के संयुक्त प्रयासों से यह डिजिटल खेल क्रांति भारत के खेल परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ेगी.
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आरआर/