Sunday , 29 November 2020

भारत को हर साल बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कर चोरी से 10.3 अरब डॉलर का नुकसान


नई ‎दिल्ली . भारत को बहुराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से कर नियमों के दुरूपयोग और व्यक्तिगत स्तर पर लोगों के कर चोरी करने से हर साल 10.3 अरब डॉलर (Dollar) (लगभग 75,000 करोड़ रुपए) के कर का नुकसान हो रहा है. एक ‎रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर देश हर साल कुल 427 अरब डॉलर (Dollar) से अधिक के कर का नुकसान उठा रहे हैं. इसकी बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट कर और व्यक्तिगत कर में चोरी करना है.

इतनी राशि से दुनियाभर में हर साल करीब 3.4 करोड़ नर्स (Nurse) का वार्षिक वेतन दिया जा सकता है. भारत के संदर्भ में ‎रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कर चोरी से देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 10.3 अरब डॉलर (Dollar) कर का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसकी वजह वैश्विक स्तर पर हर साल की जाने वाली कर चोरी है. इसमें 10 अरब डॉलर (Dollar) का कर नुकसान बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जबकि 20 करोड़ डॉलर (Dollar) का नुकसान व्यक्तियों के कर चोरी से हो रहा है. इसके सामाजिक प्रभाव की बात की जाए तो यह सरकार के कुल स्वास्थ्य बजट के 44.70 प्रतिशत के बराबर और शिक्षा बजट के 10.68 प्रतिशत के बराबर की राशि है. इससे 42.30 लाख नर्सों को सालभर का वेतन दिया जा सकता है.