नई दिल्ली, 3 अप्रैल . अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के अनुसार, अमेरिका में भारत से आने वाली वस्तुओं पर 27 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क (एडिशनल ड्यूटी) लगाया गया है. पीयूष गोयल की अध्यक्षता वाले वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि वाणिज्य विभाग इन आदेशों के निहितार्थों की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रेसिप्रोकल टैरिफ पर एक कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसमें उसके सभी व्यापारिक साझेदारों से आयात पर 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त मूल्यानुसार शुल्क लगाया गया है.
10 प्रतिशत का बेसलाइन शुल्क 5 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा और शेष देश-विशिष्ट अतिरिक्त मूल्यानुसार शुल्क 9 अप्रैल से प्रभावी होगा. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि भारत के लिए अतिरिक्त शुल्क 27 प्रतिशत है.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “वाणिज्य विभाग अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई घोषणाओं के निहितार्थों की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है. ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, ‘विभाग’ भारतीय उद्योग और निर्यातकों सहित सभी हितधारकों के साथ मिलकर टैरिफ को लेकर उनके आकलन पर प्रतिक्रिया ले रहा है और स्थिति का आकलन कर रहा है. विभाग अमेरिकी व्यापार नीति में इस नए विकास के कारण उत्पन्न होने वाले अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 फरवरी को “मिशन 500” की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर करना है.
इसी के अनुसार, पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते के शीघ्र परिणामों के लिए भारतीय और अमेरिकी व्यापार टीमों के बीच चर्चा चल रही है.
बयान के अनुसार, इनमें सप्लाई चेन इंटीग्रेशन को मजबूत करने सहित आपसी हितों के कई मुद्दे शामिल हैं.
बयान में कहा गया है, “यह बातचीत दोनों देशों को व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर बढ़ाने को लेकर केंद्रित है. हम इन मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में इसे आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं.”
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एसकेटी/एबीएम