भारत-बांग्लादेश : बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की द्विपक्षीय वार्ता की संभावना

ढाका, 2 अप्रैल . बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहाकार मोहम्मद यूनुस के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है.

रोहिंग्या और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि खलीलुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बिम्सटेक सदस्य देशों के नेता, यूनुस के साथ भविष्य के कार्यों पर चर्चा करेंगे.

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा, “हमने भारत से यह वार्ता (दोनों देशों के नेताओं के बीच) आयोजित करने का अनुरोध किया है… इस बैठक के होने की पर्याप्त संभावना है.”

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2-4 अप्रैल तक बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित किया जा रहा है. 4 अप्रैल को बिम्सटेक की अध्यक्षता आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश को सौंप दी जाएगी.

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने यूनुस को एक पत्र लिखकर आपसी संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला था और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम को ‘साझा इतिहास’ बताया. उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में यह पत्र लिखा और दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई.

भारतीय विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने रविवार (30 मार्च) को मस्कट में हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों के अपने समकक्षों के साथ कई बैठकें कीं.

विदेश मंत्री ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन के साथ अपनी बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट किया, “बातचीत हमारे द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ बिम्सटेक पर भी केंद्रित रही.”

शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. हसीना को भारत भागने पर मजबूर होना पड़ा था.

सत्ता परिवर्तन के बाद बनी अंतरिम सरकार का नेतृत्व नोबेल पुरस्कार विजेता और अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं. ढाका में मौजूदा सरकार को अल्पसंख्यकों समुदाय पर हो रहे हमलों के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. भारत ने इस मुद्दे पर बांग्लादेश के साथ अपनी चिंताओं को बार-बार साझा किया है.

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