
New Delhi, 28 जनवरी . भारत-सऊदी अरब सामरिक साझेदारी परिषद (एसपीसी) की Political, वाणिज्य और सुरक्षा सहयोग कमेटी के तहत भारत-सऊदी अरब सुरक्षा वर्किंग ग्रुप की तीसरी मीटिंग Wednesday को रियाद में हुई.
मीटिंग की सहअध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. विनोद बहाडे और सऊदी अरब के गृह मंत्रालय में कानूनी मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के डायरेक्टर जनरल अहमद अल-ईसा ने की.
दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा को एक बार फिर से दोहराया, जिसमें सीमा पार से आतंकवाद और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में बेगुनाह नागरिकों पर हुए भयानक आतंकवादी हमले और 10 नवंबर 2025 को New Delhi में लाल किले के पास हुई आतंकी घटना शामिल है.
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों ने चल रहे सुरक्षा सहयोग की पूरी तरह से समीक्षा की. उन्होंने दुनिया और अपने-अपने इलाकों में आतंकवादी ग्रुप्स से पैदा होने वाले खतरों पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने के लिए मौजूदा और उभरती चुनौतियों में सहयोग बढ़ाने पर अपने विचार भी साझा किए.
इसमें चरमपंथ और कट्टरता का मुकाबला करना, आतंकवाद की फाइनेंसिंग का मुकाबला करना, आतंकवादी मकसदों के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रोकना और ट्रांसनेशनल संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध शामिल हैं.
उन्होंने द्विपक्षीय कानूनी और न्यायिक सहयोग और कानून लागू करने में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया. सुरक्षा वर्किंग ग्रुप की अगली मीटिंग India में आपसी सहमति से तय तारीख पर होगी. पिछले अप्रैल में India और सऊदी अरब ने अपनी द्विपक्षीय एसपीसी को बढ़ाया. इसमें दो नई मंत्रालय कमेटियां शामिल की गईं, जिनमें एक रक्षा सहयोग के लिए और दूसरी पर्यटन और संस्कृति के लिए है.
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केके/डीकेपी