कोरोना की आड ट्रेनों का किराया बढाया, अब सुविधाएं भी नदारद

भोपाल (Bhopal) . कोरोना (Corona virus) की आड में भारतीय रेलवे (Railway)ने ट्रेनों का ‎किराया तो बढा ‎दिया ले‎किन सु‎विधाओं में भी कटौती करवा दी. राजधानी से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों में साफ-सफाई के अभाव में गंदगी और टायलेट से बदबू आने की ‎शिकायत यात्री कर रहे हैं ले‎किन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. किसी तरह रेलवे (Railway)हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी दर्ज हो जाती है तो भी इसका समाधान नहीं हो पाता. ट्रेनों के टॉयलेट से आ रही बदबू और कोच की गंदगी से यात्री परेशान है. ज्यादा किराया देने के बाद भी कोच में आ रही टॉयलेट की बदबू के बीच बैठकर अपना सफर पूरा करना पड़ रहा है. यह शिकायत खासतौर पर गोंडवाना, गरीब रथ, सोमनाथ एक्सप्रेस के स्लीपर और एसी कोच से आ रही हैं.

प्रदेश के मुख्य रेलवे (Railway)स्टेशनों से ट्रेन रवाना होने के चंद मिनट बाद कोच के टायलेट की बदबू आने लगती है. यह बदबू इतनी ज्यादा होती है कि सीट पर बैठे यात्री का सफर करना भी मुश्किल होता है. चलती ट्रेन में यात्री को मोबाइल नेटवर्क साथ नहीं देता. यदि दे भी दे तो उसकी शिकायत का समाधान नहीं होता. उसे सिर्फ यह आश्वासन दे दिया जाता है कि अगला स्टेशन आने पर उसकी शिकायत का समाधान हो जाएगा, लेकिन वह अपना पूरा सफर तय कर लेता है, लेकिन शिकायत दूर नहीं होती.

यहां बता दें ‎कि प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur)से रवाना होने वाली अधिकांश ट्रेनों में एलएचबी कोच लगा दिए गए हैं. इनमें बॉयोटायलेट लगे हैं. इन टायलेट में गंदगी ट्रैक पर न गिरकर टायलेट के नीचे लगे बॉक्स में ही रहती है. यही गंदगी टायलेट से पूरे कोच में फैलती है. इनसे लगे दो से तीन कैबिन में बैठे यात्री का सफर करना मुश्किल हो जाता है. इतना ही नहीं किसी तरह यात्री रेलवे (Railway)हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी करता है तो उसकी शिकायत का समाधान तीन से चार घंटे बाद या फिर होता ही नहीं है. वहीं रेलवे (Railway)की क्लीन मॉय कोच सुविधा इन दिनों भगवान भरोसे पर चल रही हैं. खासतौर पर क्लीन मॉय कोच.

दरअसल रेलवे (Railway)ने चलती ट्रेन में कोच और टॉयलेट से जुड़ी शिकायतों के लिए क्लीन मॉय कोच की सुविधा दी थी, लेकिन कोरोना के बाद से अधिकांश ट्रेनों में यह सुविधा बंद कर दी है. इस सुविधा में शिकायत करने वाले कोच में तैनात सफाई कर्मचारी तत्काल उनके पास पहुंचता है. उसकी शिकायत दूर कर उससे फीडबैक फार्म भरवाता और फिर यात्री के मोबाइल पर आए पिन को लेता है. यह पिन कर्मचारी अपने वरिष्ठ तक पहुंचा देता है, जिससे यह पता चल जाता है कि शिकायत दूर कर दी गई है. मालूम हो ‎कि रेलवे (Railway)ने क्लीन मॉय कोच सुविधा प्रारंभ की है, ‎जिसके तहत यात्री को अपने मोबाइल पर एसएमएस के जरिए पीएनआर दर्ज कर उसे 58888 पर भेजना होता है. यात्री को अपनी शिकायत दर्ज कर भेजनी होती है, जो ऑनबोर्ड स्टॉफ के पास चली जाती है. इसमें सफाई,पानी, ट्रेन की लाइट, एसी और कीट नियंत्रण की शिकायत दर्ज होती है.

Please share this news