Tuesday , 13 April 2021

पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्घाटन उद्योग व्यापार कारोबार और किसान को मिलेगा लाभ: पीएम मोदी


नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के पहले पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ईडीएफसी के ‘न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन’ का उद्घाटन किया. ईडीएफसी का 351 किलोमीटर लंबा न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा सेक्शन 5,750 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. यह सेक्शन मौजूदा कानपुर-दिल्ली मुख्य लाइन से भी भीड़भाड़ कम कर देगा और भारतीय रेलवे (Railway)को तेज ट्रेन चलाने में सक्षम करेगा. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने प्रयागराज (Prayagraj)में ईडीएफसी के परिचालन नियंत्रण केंद्र ओसीसी का भी शुभारंभ किया. देश में 100वीं किसान रेल शुरु की गई है. किसान रेल से वैसे भी खेती से जुड़ी उपज को देशभर के बाजारों में सुरक्षित और कम कीमत पर पहुंचाना संभव हुआ है. अब किसान रेल और भी तेजी से अपने गंतव्य पर पहुंचेगी.

विशेष तौर पर औद्योगिक रूप से पीछे रह गए पूर्वी भारत को ये फ्रेट कॉरिडोर नई ऊर्जा देने वाला है. इसका करीब 60% हिस्सा उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में है, इसलिए यूपी के हर छोटे बड़े उद्योग को इसका लाभ होगा. पीएम मोदी ने कहा कि ये फ्रेट कॉरिडोर आत्मनिर्भर भारत के बहुत बड़े माध्यम होंगे. उद्योग हों, व्यापार-कारोबार हों, किसान हों या फिर कंज्यूमर, हर किसी को इसका लाभ मिलने वाला है. हमारे यहां यात्री ट्रेन और मालगाड़ियां दोनों एक ही पटरी पर चलती हैं. मालगाड़ी की गति धीमीं होती है. ऐसे में मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए यात्री ट्रेनों को स्टेशनों पर रोका जाता है.

इससे यात्री ट्रेन भी लेट होती है और मालगाड़ी भी. पीएम मोदी ने कहा कि आज जब भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब बेहतरीन कनेक्टिविटी देश की प्राथमिकता है. इसी सोच के साथ बीते 6 साल से देश में आधुनिक कनेक्टिविटी के हर पहलू पर फोकस के साथ काम किया जा रहा है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने अपने में कहा कि आज का दिन भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत को 21वीं सदी की नई पहचान देने वाला है. भारत और भारतीय रेल का सामर्थ्य बढ़ाने वाला है. आज हम आजादी के बाद का सबसे बड़ा और आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट धरातल पर उतरता देख रहे हैं. प्रयागराज (Prayagraj)में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर भी नए भारत के नए सामर्थ्य का प्रतीक है. ये दुनिया के बेहतरीन और आधुनिक कंट्रोल सेंटर में से एक है. इसमें मैजेनमेंट और डेटा से जुड़ी जो तकनीक है वो भारत में ही तैयार हुई है.

पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) 1856 मार्ग किलोमीटर लंबा है. यह लुधियाना (पंजाब) के पास साहनेवाल से शुरू होता है और पंजाब, हरियाणा (Haryana) , उत्तर प्रदेश, बिहार (Bihar) और झारखंड राज्यों से गुजरकर पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दनकुनी में समाप्त होता है. यह सेक्शन स्थानीय उद्योगों जैसे एल्यूमीनियम उद्योग (कानपुर (Kanpur) देहात जिले का पुखरायां क्षेत्र), डेयरी क्षेत्र (औरैया जिला), कपड़ा उत्पादन ब्लॉक प्रिंटिंग (इटावा जिला), कांच के सामान के उद्योग (फिरोजाबाद जिला), पॉटरी (बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले के खुर्जा),हींग उत्पादन (हाथरस जिला) और ताले और हार्डवेयर (अलीगढ़ (Aligarh) जिला) के लिए नए अवसर खोलेगा. इस परियोजना का उद्देश्य गलियारे के मार्ग के साथ राज्यों में बुनियादी ढांचे और उद्योग को रफ्तार देना है. कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस कॉरिडोर का करीब 57 प्रतिशत हिस्सा यूपी से होकर गुजरेगा.

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