Monday , 14 June 2021

नैनीताल में 24 घंटे से धधक रहे हैं जंगल, तेजी से फैल रही आग में लाखों की वन संपदा नष्ट

नैनीताल . एक दिन पहले ही उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के जंगलों को आग से बचाने के लिए 10000 वन प्रहरियों की तैनाती का फैसला लिया. गर्मी का मौसम आने से पहले सरकार सभी इंतजाम कर लेना चाहती है, लेकिन नैनीताल वन प्रभाग कोसी रेंज के जंगल आग से धधक रहे हैं.

पिछले 24 घंटे से अधिक समय से जंगलों में आग लगी हुई है, शिकायत के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी है. तेजी से फैल रही आग से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो चुकी है, वन्य जीवों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं. इसके बावजूद सूचना मिलने के बाद भी वन विभाग इस आग को बुझाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.

प्रदेश के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के जंगल की आग विकराल रूप धारण करती जा रही है. इस आग की वजह से वन संपदा और वन्यजीवों को नुकसान तो पहुंच ही रहा है, इंसान भी अछूते नहीं हैं. वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जंगल की आग के कारण अभी तक 4 लोगों की जान जा चुकी है. इस साल अब तक जंगल में आग लगने की 657 घटनाओं के बाद भी वन विभाग या सरकार अब तक सचेत नहीं हुए हैं.

जानकारी के मुताबिक जंगल की आग से इस वर्ष 814 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली वन संपदाएं प्रभावित हुई हैं. गौर करने की बात यह है कि आग से प्रभावित 39 हेक्टेयर का क्षेत्र ऐसा है, जहां हाल ही में पौधरोपण किया गया था. जंगल में आग लगने से इस साल 28 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है. गढ़वाल मंडल में आग लगने की 232 घटनाएं हुई हैं, जबकि कुमाऊं रीजन में अभी तक आग की 152 घटनाएं दर्ज की गई हैं. जंगल में आग लगने से संरक्षित वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंचने की बातें सामने आ रही हैं. वन विभाग के मुताबिक संरक्षित अभयारण्यों में आग लगने की 9 घटनाएं अब तक हुई हैं.

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