जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 1,13,767 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, निवेश और इनोवेशन पर जोर

श्रीनगर, 6 फरवरी . जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने Friday को विधानसभा में 2026-27 के लिए 1,13,767 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि इस वित्तीय योजना का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी विकास, सामाजिक सद्भाव और आर्थिक समृद्धि के लिए मजबूत नींव तैयार करना है.

सीएम अब्दुल्ला ने बताया कि उनकी Government निवेश, नवाचार और भागीदारी वाली गवर्नेंस को बढ़ावा देकर जम्मू-कश्मीर को एक आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से जीवंत क्षेत्र में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा, “गहरी विनम्रता और अटूट संकल्प के साथ, मैं आज वित्त मंत्री के रूप में अपना दूसरा बजट पेश कर रहा हूं. यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे अपनी भूमि के वित्तीय भविष्य को आकार देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.”

उन्होंने बजट पेश करते हुए इसे विकास का रोडमैप बताया और कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है. यह एक वित्तीय दिशा-निर्देशक है, जो स्थायी आर्थिक विकास, सामाजिक सद्भाव और समृद्धि की मजबूत नींव रखता है. Chief Minister ने सदन के सदस्यों से क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया.

सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “जैसे ही हम इस साझा यात्रा पर निकल रहे हैं, मैं सदन के हर सदस्य को एक साथ आने, एक मजबूत और समृद्ध जम्मू-कश्मीर बनाने के लिए मिलकर काम करने का आमंत्रण देता हूं.”

उन्होंने कहा कि उनकी Government जम्मू-कश्मीर को प्रगतिशील और आर्थिक रूप से जीवंत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. बाधाओं को अवसरों में बदलना ही उनकी प्राथमिकता है. Government निवेश और नवाचार को आकर्षित करने के लिए एक बिजनेस-फ्रेंडली माहौल तैयार कर रही है. यह बजट चुने हुए प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है, ताकि यह लोगों के हित में हो.

उन्होंने कहा कि भू-Political कारक, पहलगाम आतंकी हमला और जम्मू क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ ने आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव डाला. पर्यटन, हस्तशिल्प, बागवानी और कृषि जैसे क्षेत्रों को नुकसान हुआ, जिससे कई परिवारों को नौकरी और आमदनी का संकट झेलना पड़ा. बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, सार्वजनिक सेवाओं और गवर्नेंस में रणनीतिक निवेश के जरिए समावेशी और टिकाऊ विकास पर केंद्रित है. Government का लक्ष्य युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा करना है.

सीएम ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की बजटीय जरूरतों का केवल 25 प्रतिशत टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू से पूरा होता है. 31 दिसंबर 2025 तक टैक्स से कुल रेवेन्यू कलेक्शन 10,265 करोड़ रुपए और नॉन-टैक्स स्रोतों से 4,964 करोड़ रुपए रहा. कुल खर्च का लगभग 60 प्रतिशत सैलरी, पेंशन और कर्ज चुकाने में जाता है और Government कर्ज प्रबंधन और गैर-जरूरी खर्चों को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है.

सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि Government उधार को मंजूर सीमा के भीतर रखकर और लिक्विडिटी मैनेजमेंट में सुधार करके कर्ज की स्थिरता को मजबूत कर रही है. लगातार तीसरे साल खर्च में कटौती के उपाय लागू किए गए हैं. वित्तीय दबाव को कम करने के लिए बिजली सेक्टर में सुधार किए जा रहे हैं, जिसमें उपभोक्ता आधार का विस्तार और नुकसान कम करना शामिल है.

Chief Minister ने वित्तीय चुनौतियों से निपटने में केंद्र Government के सहयोग को भी स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि केंद्र Government उनकी मुश्किलों से वाकिफ रही है और विशेष सहायता के जरिए लगातार समर्थन करती रही है. जम्मू और कश्मीर को राज्यों के लिए पूंजी निवेश योजना के तहत शामिल किया गया है, ताकि प्रदेश में निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके. इस योजना के तहत फंड का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स और आपदा राहत कार्यों, खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में किया जाएगा. आने वाले महीनों में दिहाड़ी मजदूरों को नियमित करने के लिए एक रोडमैप की घोषणा की जाएगी और उनके योगदान और सेवाओं की सराहना की.

सीएम ने बजट की उपलब्धियों और योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि Prime Minister आवास योजना के तहत 3.21 लाख से अधिक घर पूरे किए गए हैं और 14,000 अन्य घर बन रहे हैं. 2026 में जम्मू और कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा, 2,963 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत लाभान्वित हुई हैं. पूरे यूटी में नए कल्चरल सेंटर बनाए जाएंगे और एमएसएमई के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया गया है.

उन्होंने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष में दो आयुष अस्पताल खुलेंगे और एम्स कश्मीर 2026 में शुरू होगा. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए 200 नई ई-बसों की व्यवस्था की जाएगी और पीईटी स्कैन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को भी बढ़ाया जाएगा. शिक्षा के क्षेत्र में 554 स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा शुरू की जाएगी. यह बजट जम्मू-कश्मीर के विकास को गति देने, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने और सभी क्षेत्रों में समावेशी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है.

एसएचके/एबीएम

Leave a Comment