अयोध्या में परकोटा मंदिर के शिखर की हो रही प्रतिष्ठा, 11 आचार्य करा रहे पूजन

अयोध्या, 2 अप्रैल . अयोध्या के राम मंदिर में चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी तिथि पर परकोटा मंदिर के शिखर की बुधवार को प्रतिष्ठा हो रही है. 11 आचार्य मिलकर इस पूजा को करा रहे हैं.

राम मंदिर पूजन समिति के आचार्य दुर्गा प्रसाद ने बताया, “बुधवार को परकोटा मंदिर में शिखर की प्रतिष्ठा हो रही है. इसके लिए 11 ब्राह्मण पूजन में शामिल हो रहे हैं. वे पूरे विधि-विधान से परकोटा मंदिर के शिखर की प्रतिष्ठा की पूजा करवा रहे हैं.”

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया, “अयोध्या में राम जन्मभूमि पर निर्मित हो रहे मंदिर के ट्रस्ट की ओर से रामनवमी पर्व चैत्र नवरात्रि पर कुछ कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन को उत्तर भारत में प्रतिपदा कहते हैं. यह प्रभु राम के राज्याभिषेक का दिन है. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर हिंदू समाज में कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ कर सकते हैं, इस दौरान कोई मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं है. इसे अबूझ मुहूर्त का दिन माना जाता है. इस बार 30 मार्च 2025 को प्रतिपदा का दिन था. राम जन्मभूमि मंदिर पर कुछ आयोजन शुरू किए गए हैं.”

उन्होंने बताया, “पहली बार रामकथा के रूप में भगवान राम की गाथाओं का वर्णन किया गया. 29 मार्च की शाम जब चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का प्रवेश हो गया, उस दिन से कथा शुरू हुई है और 6 अप्रैल के दिन राजा राम का जन्म मनाने के पश्चात कथा पूर्ण हो जाएगी. यह कथा प्रतिदिन अंगद टीला के प्रांगण में सायंकाल 4 बजे प्रारंभ होगी.”

चंपत राय ने बताया, “चैत्र शुक्ल की नवमी को जन्म के समय पर आरती होगी. भगवान को छप्पन भोग लगेगा. राम सूर्यवंशी हैं अर्थात उन्होंने सूर्यवंश में जन्म लिया है. जब राम का जन्म हो चुका होगा, तब उनके ललाट पर भास्कर सूर्य अपनी किरणों से तिलक लगाएंगे. यह प्रयोग पिछले साल किया गया था और यह सफल रहा. लगभग चार मिनट सूर्य की किरणें प्रभु श्री राम के ललाट को प्रकाशित करेंगी.”

विकेटी/एससीएच