Saturday , 5 December 2020

इमरान खान के करीबी फवाद चौधरी के सुर फिर बदले, पुलवामा हमले के कबूलनामे से पलटे


इस्लामाबाद . पाकिस्तान के एक मंत्री के कबूलनामे ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले की पोल खोल दी. लेकिन पाक के मंत्री फवाद चौधरी के सुर फिर अचानक बदल गए हैं. अब मंत्री ने अपने बयान पर पलटते हुए कहा कि उन्होंने पिछले साल 26 फरवरी को भारत की ओर से हुई एयर स्ट्राइक का जिक्र किया था, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया.

फवाद चौधरी ने गुरुवार (Thursday) को सनसनीखेज खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि 2019 में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के लिये उनका देश जिम्मेदार है. उस हमले में सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के 40 जवानों के शहीद होने के बाद दोनों देश जंग के मुहाने पर आकर खड़े हो गए थे. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने नेशनल असेंबली में बहस के दौरान कहा था कि हमने हिंदुस्तान को घुस कर मारा. पुलवामा में हमारी कामयाबी, इमरान खान के नेतृत्व में इस देश की कामयाबी है. आप और हम सभी इस कामयाबी का हिस्सा हैं.

फवाद चौधरी ने अब अपने बयान पर सफाई देते हुए ​कहा कि पुलवामा में पिछले साल दो वाक्ये हुए थे. एक 4 फरवरी को और दूसरा 26 फरवरी को हुआ था. फवाद ने दावा किया कि उन्होंने संसद में जिस घटना का जिक्र किया था, वह 26 फरवरी की थी. जब हिंदुस्तान ने पाकिस्तान की सीमा में घुसने की जुर्रत की थी और उसके बाद उनके देश ने मुंहतोड़ जवाब दिया था. बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी चौधरी ने संसद में बहस के दौरान कहा कि जब से हिंदुस्तान में मोदी सरकार (Government) आई है तब से जंग की बात कुछ ज्यादा ही हो रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा को पता है कि उसे कब क्या करना है, वो टांगे कांपने वाला बंदा नहीं है.

उनका यह बयान विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता अयाज सादिक के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा करने की गुहार लगाई थी, जिन्हें 27 फरवरी, 2019 को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ हवाई टकराव में उनका मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान गिर जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था.