Friday , 26 February 2021

IMA की स्टडी में खुलासा, आम लोगों की जगह, डॉक्टरों के लिए भयावक काल साबित हो रहा कोरोना


नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना महामारी (Epidemic) आम लोगों की तुलना में डॉक्टरों (Doctors) के लिए काफी ज्यादा जानलेवा साबित हो रही है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्टडी तैयार की है. स्टडी में खुलासा किया है कि आम लोगों की तुलना में कोरोना डॉक्टरों (Doctors) के लिए 10 फीसदी ज्यादा जानलेवा साबित हुआ है. आम लोगों में जहां डेथ रेट 1.7 फीसदी है, वहीं डॉक्टरों (Doctors) में 16.7 प्रतिशत पाया गया है. हालांकि, डॉक्टर्स भी स्टडी को लेकर पूरी तरह से सहमत नहीं दिखाई दे रहे हैं. स्टडी के मुताबिक आम लोगों की तरह ही 60 साल से ज्यादा के डॉक्टर्स के लिए कोरोना जानलेवा साबित हो रहा है. जबकि एनेस्थीसिया एक्सपर्ट की डेथ रेट काफी कम है और एनेस्थीसिया एक्सपर्ट ही सबसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आते हैं.

आईएमए की हालिया स्टडी के मुताबिक, 10 सितंबर तक देशभर में 2174 डॉक्टर्स में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. जिनमें से 382 डॉक्टर्स की मौत हो गई.इसके बाद आंकड़ों का विश्लेषण किया गया,तब आम लोगों के मुकाबले करीब 10 फीसदी डॉक्टर्स के लिए यह वायरस जानलेवा साबित हुआ है. स्टडी में सामने आया कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों डॉक्टरों (Doctors) में 62 फीसदी डॉक्टर (doctor) 60 साल से ज्यादा के थे.

रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ डॉक्टर (doctor) ने बताया कि डॉक्टरों (Doctors) में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ऐसा क्यों हो रहा है. इसके साथ उन्होंने सामने आ रही दिक्कतों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हालात हैं कि अब सभी सरकारी अस्पतालों में किसी भी विभाग के डॉक्टरों (Doctors) की ड्यूटी कोरोना वार्ड में लगा दी जाती है. एक अस्पताल के डॉक्टर (doctor) ने कहा कि आईएमए की स्टडी में जो डाटा दिखाया गया है वह मुझे सही नहीं लग रहा है, क्योंकि डाटा में जितने डॉक्टर्स को संक्रमित बताया गया है असल में संख्या उससे कहीं ज्यादा होगी.

उन्होंने बताया कि सिर्फ भारत में ही डॉक्टरों (Doctors) की मौत नहीं हो रही है बल्कि सभी यूरोपीय देशों में ऐसा देखा जा रहा है और मौत भी हो रही है. हालांकि, ये मौतों क्यों हो रही हैं और असल कारण क्या है, इसका आंकलन करना जरूरी है.

Please share this news