Tuesday , 18 February 2020
हिंदी- अंग्रेजी के विवरण में अंतर मिला तो रूकेगा रिजल्ट

हिंदी- अंग्रेजी के विवरण में अंतर मिला तो रूकेगा रिजल्ट

बांदा. यूपी बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों द्वारा भरे गए आवेदन फार्म में हिंदी या अंग्रेजी में अंतर है तो इसे दुरुस्त कराने के लिए बोर्ड ने 25 फरवरी तक मौका दिया है. इसमें चूक की तो नतीजा रुक सकता है. यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं. डीआईओएस विनोद कुमार ने परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी प्रधानाचार्यों को भेजे पत्र में कहा कि इस बार अंक-सह प्रमाणपत्र में परीक्षार्थियों का विवरण हिंदी और अंग्रेजी दोनोें में होगा. कई परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र गलत हो गए हैं. इसके मद्देनजर बोर्ड ने गलती सुधारने के लिए वेबसाइट खोल दी है. इसमें 25 फरवरी तक संशोधन किया जाएगा. परीक्षार्थी अपना विवरण जांच लें. माता-पिता सहित उसके नाम में स्पेलिंग गलत है तो सुधार करवा लें. इसके बाद मौका नहीं दिया जाएगा. किसी के नाम में पूर्ण परिवर्तन और फोटो बदली जानी है तो इस संबंध में पूरे साक्ष्य जरूर लिए जाएं. अन्यथा प्रधानाचार्य को दोषी माना जाएगा. उत्तर पुस्तिकाओं पर अंकित क्रमांक में कटिंग व ओवर राइटिंग या व्हाइटनर का प्रयोग नहीं किया जाएगा. बंडल में किसी भी कापी में क्रमांक गड़बड़ है या हल्का छपा है तो इसमें भी ओवर राइटिंग नहीं की जा सकेगी. प्रश्नपत्र व कापियां केंद्रों को भेज दी गई हैं. केंद्र व्यवस्थापक छात्र संख्या के हिसाब से मिलान कर बंडल रखेगें. किसी कॉपी के क्रमांक पर कोई संशय है तो उसमें कोई छेड़छाड़ किए बिना पंजिका में दर्ज किया जाए. डीआईओएस ने कहा कि नकल रोकने के लिए परीक्षा की ऑनलाइन निगरानी के साथ ही अब अधिकारी व उड़न दस्ते भी मोबाइल एप के दायरे में रहेंगे. शिक्षाधिकारी व उड़ाका दस्ते मोबाइल एप से जुड़े रहेेंगे. परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि एप के जरिये शासन को भेजी जाएगी.