सरकार वक्फ संशोधन विधेयक वापस नहीं लेती, तो बेहद खतरनाक होगा आंदोलन : शमीम अख्तर

पटना, 26 मार्च . ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और देशभर के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक मुस्लिम संगठनों का वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर विरोध-प्रदर्शन जारी है. इस बीच, एआईएमआईएम के बिहार सचिव शमीम अख्तर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार यह विधेयक वापस नहीं लेती है तो सीएए-एनआरसी की खिलाफत से भी ज्यादा खतरनाक आंदोलन होगा.

शमीम अख्तर ने से बातचीत में कहा, “सरकार पर अभी तक कोई खास असर नहीं दिख रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह जरूर होगा. यह आंदोलन एक जन आंदोलन में बदल जाएगा – सीएए-एनआरसी अभियान की तरह, जो स्वतंत्र भारत में मुसलमानों के लिए पहला बड़ा आंदोलन बन गया और जिसने सरकार को हिलाकर रख दिया. यह आंदोलन और भी तीव्र होगा. मेरा मानना है कि अगर सरकार वक्फ संशोधन विधेयक वापस नहीं लेती है, तो यह सीएए-एनआरसी से भी ज्यादा खतरनाक आंदोलन होगा.”

राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “पटना से दिल्ली 1,000 किलोमीटर दूर है, लेकिन जब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हो रहा था, तब भी राहुल गांधी वहां मौजूद नहीं थे. उनका आवास, सोनिया गांधी के आवास से सिर्फ 3-4 किलोमीटर दूर है, फिर भी वह नहीं आए. इसलिए, यह एक बहुत ही वाजिब सवाल है. इस देश के मुसलमान और अल्पसंख्यक कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि ‘मुंह में राम और बगल में छुरी’ कब तक रहेगी? वे कब तक दोहरा खेल खेलेंगे? या तो बिल का खुलकर विरोध करें या हमारा पूरा समर्थन करें. साथ ही यह भी बताएं कि यह विधेयक न केवल मुसलमानों के खिलाफ है, बल्कि संविधान के विरुद्ध भी है.”

शमीम अख्तर ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के आगे की रणनीति के सवाल पर कहा, “मैं साफ तौर पर तो ऐसा नहीं कह सकता, लेकिन मुझे उम्मीद है कि रमजान और ईद के बाद यह आंदोलन क्रांतिकारी मोड़ जरूर लेगा. जिस तरह से बिहार और पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन शुरू करने की चर्चाएं हो रही हैं, उससे लगता है कि बिहार के गर्दनी बाग की तरह ही हर जिले में ऐसे ही विरोध स्थल बनेंगे. जिस तरह सीएए-एनआरसी आंदोलन के दौरान लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे, वैसे ही इस प्रदर्शन के होने की उम्मीद है.”

उन्होंने कहा, “मैं जिस घर में रहता हूं और अगर वहां आग लगती है, तो इसे बुझाने की जिम्मेदारी मेरी होगी. इसके बाद ही मेरे पड़ोसी उस आग को बुझाने का काम करेंगे. पहले हम सब घर वाले मिलकर यह कोशिश करेंगे. भारत सभी धर्मों और समुदायों का देश है और यहां सब मिलजुलकर वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में उतरे हैं. वे लोग नहीं चाहते हैं कि संविधान का खात्मा हो. राजद से लेकर भीम आर्मी तक बहुत सारे संगठन हमारे समर्थन में यहां आए हैं.”

शमीम अख्तर ने कहा कि जिस तरह से हिटलर ने कानून के अंदर बदलाव किया, उसी तरह से मोदी सरकार यहां अल्पसंख्यकों को हाशिए पर लाकर खड़ा करना चाहती है. वक्फ बोर्ड हमारा है और वे (सरकार) कौन होते हैं, हमारा फैसला करने वाले. सरकार की कोशिश को नाकाम किया जाएगा.

‘सौगात-ए-मोदी’ किट को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं. अगर वह छठ पूजा पर बधाई देते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होती है. अगर वह मुस्लिम समाज को बधाई दे रहे हैं, तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.”

एफएम/एकेजे