श्यामा प्रसाद ने दखल नहीं दिया होता तो बंगाल इस्लामी देश का हिस्सा होता: भाजपा

कोलकाता (Kolkata) . भाजपा ने रविवार (Sunday) को पश्चिम बंगाल (West Bengal) दिवस मनाकर पार्टी के विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी है. पार्टी ने हिंदू कार्ड खेलते हुए कहा कि मुखर्जी दखल नहीं देते तो पश्चिम बंगाल (West Bengal) एक इस्लामी देश का हिस्सा होता. हालांकि, तृणमूल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इतिहास को विकृत करने की कोशिश कर रही है.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने 20 जून को पश्चिम बंगाल (West Bengal) दिवस पर पार्टी मुख्यालय पर आयोजनों की अगुवाई की. पार्टी के सांसद (Member of parliament) स्वप्न दासगुप्ता ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, न तो तृणमूल और न ही माकपा और कांग्रेस ने यह दिवस मनाया. अधिकारी ने कहा कि अगर 54 हिंदू प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) को अलग नहीं किया होता तो हमारे राज्य की राजधानी कोलकाता (Kolkata) के बजाय इस्लामाबाद या ढाका होती. विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के बाद राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं को कथित सांप्रदायिक रंग देते हुए अधिकारी ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों पर हमले किए जा रहे हैं. अब भी 17,500 लोग बेघर हैं और चुनाव बाद हुई हिंसा में 42 लोग मारे गए हैं.

उत्तर बंगाल के विभिन्न धड़ों द्वारा अलग राज्य बनाने की मांग पर पार्टी मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के बाद अधिकारी ने कहा कि हमारी पार्टी राज्य के बंटवारे की मांग का समर्थन नहीं करती है. हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि उत्तर बंगाल के लोगों की शिकायतों को दूर किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, भाजपा बंगाल के बंटवारे की किसी मांग का समर्थन नहीं करेगी, लेकिन दक्षिण कोलकाता (Kolkata) के कुछ नेताओं को ही सभी अहम मंत्री पद क्यों दे दिए गए? कुछ जिले वर्षों से अनदेखी का सामना कर रहे हैं. गौरतलब है कि भाजपा सांसद (Member of parliament) जॉन बरला और जयंत रॉय ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तरी जिलों को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग की थी, जिस पर तृणमूल कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. भाजपा नेतृत्व ने भी इस मुद्दे से खुद को अलग कर लिया था.

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