हमारी सरकार बनी तो बिहार में वक्फ संशोधन विधेयक लागू नहीं होगा : तेजस्वी यादव

पटना, 5 अप्रैल . बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को वक्फ संशोधन विधेयक के संबंध में एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो बिहार में वक्फ संशोधन विधेयक किसी कीमत पर लागू नहीं होगा और इसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल ने लोकसभा और राज्यसभा में अपनी बातें पूरी मजबूती के साथ रखी और कड़ा विरोध करके इसके खिलाफ वोट किया.

उन्होंने कहा कि जो लोग मुसलमानों के हितैषी होने का ढोंग करते हैं, उनकी पोल खुल चुकी है. बिहार में जब हमारी सरकार बनेगी तो वक्फ संशोधन विधेयक को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे और इसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा. वक्फ संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें संविधान के आर्टिकल 26 का उल्लंघन किया गया है. भाजपा और आरएसएस लगातार संविधान विरोधी कार्य कर रही है और देश के लोगों को बांटना चाहती है. इस तरह के अन्यायपूर्ण बिल के खिलाफ राजद कोर्ट में गया है. इसे लेकर सदन से सड़क और कोर्ट तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के उसूलों पर रहते हुए इस बिल के खिलाफ पूरी मजबूती से लालू यादव के नेतृत्व में इसका विरोध करती रहेगी और किसी भी कीमत पर देश के संविधान के खिलाफ जो कार्य किए जा रहे हैं, उसे आगे नहीं बढ़ने देगी.

उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में हैं. ये लोग विचारधारा की राजनीति नहीं बल्कि कहीं न कहीं भाजपा के पक्ष में खड़े होकर उनका विश्वास जीतने में लगे रहे. लेकिन, ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि मुसलमानों का हितैषी होने का ढोंग करने से कुछ नहीं होगा. जिस तरह से 65 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को भाजपा ने रुकवाया, उसके खिलाफ पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, आदिवासी को दीर्घकालीन लाभ के लिए सोचना चाहिए और ऐसे मामलों में इस बात को समझना चाहिए कि भाजपा दलित, पिछड़ा, आदिवासी, अतिपिछड़ा के विरोध की राजनीति करती है और उनके हक और अधिकार को रोकना चाहती है.

उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय वक्फ संशोधन विधेयक पर भी मुख्यमंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे हैं और चुप्पी साध लिए हैं. मुख्यमंत्री का एक भी शब्द नहीं बोलना और महत्वपूर्ण विषयों पर चुप्पी से समझा जा सकता है कि सरकार कैसे चल रही है.

एमएनपी/एबीएम