
हैदराबाद, 6 अप्रैल . हैदराबाद में ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीएचएमसी) के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान Sunday को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब Police और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेताओं के बीच टकराव हो गया. इस घटना के बाद Police ने एआईएमआईएम के एमएलसी रहमत बेग के खिलाफ मामला दर्ज किया है जबकि साहिल अकबर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
यह पूरा मामला हैदराबाद के चारमीनार जोन का है, जहां जीएचएमसी द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा था. जानकारी के अनुसार, निगम की टीम लाड बाजार से पुरानापुल रोड तक अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी. इस दौरान कुल 52 अतिक्रमण हटाए गए, जिनमें 17 स्थायी और 35 अस्थायी ढांचे शामिल थे.
अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और एआईएमआईएम नेताओं ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विरोध बढ़ने पर Police और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई. Police का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें काम करने से रोकने की कोशिश की गई.
चारमीनार थाना में तैनात कॉन्स्टेबल धीरज तिवारी की शिकायत के आधार पर First Information Report दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रहमत बेग, साहिल अकबर और अन्य लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की. तिवारी के अनुसार, इस दौरान उनका कॉलर पकड़कर उन्हें गिरा दिया गया, जिससे उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया.
घटना के तुरंत बाद Police ने कार्रवाई करते हुए घांसी बाजार डिवीजन के इंचार्ज और पूर्व कॉरपोरेटर साहिल अकबर को गिरफ्तार कर लिया. Monday , 5 अप्रैल को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. वहीं, रहमत बेग और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
दूसरी ओर, एआईएमआईएम नेताओं और स्थानीय निवासियों का कहना है कि जीएचएमसी की कार्रवाई जल्दबाजी में की गई और उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया. उनका आरोप है कि प्रशासन ने संवाद के बजाय सख्ती का रास्ता अपनाया, जिससे स्थिति बिगड़ी.
फिलहाल Police ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और Governmentी कामकाज में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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एसएके/पीएम