भारत में विशाल जीडीपी वृद्धि की क्षमता, प्रतिस्पर्धियों से बेहतर हमारा प्रदर्शन : अर्थशास्त्री

New Delhi, 30 अगस्त . वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर 7.8 प्रतिशत होने पर अर्थशास्त्रियों ने Saturday को कहा कि भारत में विशाल जीडीपी वृद्धि और विश्व की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने की क्षमता मौजूद है.

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अर्थशास्त्री आकाश जिंदल ने कहा कि एक ऐसी तिमाही में जिसे टैरिफ तिमाही का नाम देना उचित होगा, देश की जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर 7.8 प्रतिशत होना बेहद उत्साहजनक है.

उन्होंने कहा, “यह वह तिमाही थी, जब रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की जा रही थी. यह वह समय था जब पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था टैरिफ की उच्च दरों से नाखुश थी और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता थी. ठीक इस समय हमने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है. हमें हमारी तुलना विश्व के दूसरे देशों से करनी चाहिए.”

उन्होंने भारत की जीडीपी की तुलना अलग-अलग देशों से करते हुए कहा, “हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. जर्मनी तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 2023 और 2024, दो वर्षों तक, जर्मनी ने नकारात्मक जीडीपी वृद्धि प्रदर्शित की.”

जिंदल ने आगे कहा, “हमारी तुलना अमेरिका से करें. जनवरी से मार्च 2025 तक, उन्होंने नकारात्मक जीडीपी वृद्धि -0.5 प्रतिशत दर्ज की. हमारी तुलना जापान से करें. जनवरी से मार्च 2025 तक, उन्होंने -0.2 प्रतिशत नकारात्मक जीडीपी वृद्धि दर्ज की है. हमारी तुलना ब्रिटेन से करें. सितंबर और अक्टूबर 2024 तक, उन्होंने नकारात्मक जीडीपी वृद्धि दर्ज की.”

पिछले कुछ वर्षों में भारत के प्रदर्शन को लेकर जिंदल ने कहा कि हमने कोरोना से लेकर अब तक हर तरह की नकारात्मकता का सामना किया है. कोरोना के बाद, पिछले पांच वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था स्पष्ट रूप से धीमी गति से गुजरी है. बल्कि, कुछ अर्थव्यवस्थाएं मंदी के दौर से भी गुजरी हैं, लेकिन फिर भी भारत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और वह किसी भी प्रतिस्पर्धी देश से कहीं ज्यादा तेज गति से आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा, “हमारे प्रतिस्पर्धी देशों में अमेरिका है, जो आकार में नंबर एक है, चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जर्मनी तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जापान पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. ऐसे में देखा जा सकता है कि हम पिछले पांच वर्षों से अपने सभी प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.”

अमेरिका को लेकर जिंदल ने कहा कि जीडीपी के लेटेस्ट आंकड़े हमारे मजबूत नेतृत्व, अर्थव्यवस्था, घरेलू मांग और जनसांख्यिकी को दर्शाते हैं. अब यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि वह भारत के साथ कैसा व्यवहार करता है.

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