हमास के साथ युद्ध के कारण इज़रायल की अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट

लंदन, 19 फरवरी . वर्ष 2023 की अंतिम तिमाही में इजरायल का उत्पादन तेजी से घटा है. एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह लगभग दो साल में पहली गिरावट है. हमास के साथ युद्ध से अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा है.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल के केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने सोमवार को अपने प्रारंभिक अनुमान में कहा कि देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) एक साल पहले की समान तिमाही की तुलना में 19.4 प्रतिशत घट गया जबकि संशोधित आँकड़ों के अनुसार जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी 1.8 प्रतिशत बढ़ा था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था में संकुचन इजरायल के लिए आर्थिक मोर्चे पर नई बुरी खबर है. यहूदी राष्ट्र ने 7 अक्टूबर के हमले के बाद हमास को नष्ट करने के लिए गाजा में युद्ध छेड़ रखा है.

अपेक्षा से बदतर गिरावट के लिए निजी खपत में 26.9 प्रतिशत गिरावट जिम्मेदार है क्योंकि हमलों के बाद आत्मविश्वास कम हो गया और लोगों ने खर्च में कटौती कर दी.

कैपिटल इकोनॉमिक्स के वरिष्ठ उभरते बाजारों के अर्थशास्त्री लियाम पीच के अनुसार, “सेना से बुलावे के परिणामस्वरूप आवासीय इलाकों में गतिविधियाँ लगभग रुकने से और फिलिस्तीनी श्रमिकों में कमी के कारण” व्यवसायों द्वारा स्थिर निवेश में 67.8 प्रतिशत की गिरावट आई. निर्यात में 18.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पीच ने सोमवार को एक नोट में कहा, “हालांकि 2024 की (पहली तिमाही में) सुधार की संभावना दिख रही है, लेकिन इस साल सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास रहने की संभावना है.”

बैंक ऑफ इज़रायल के अनुसार, इस संघर्ष से 2025 के अंत तक इज़रायल को लगभग 255 अरब शेकेल (करीब 70.3 अरब डॉलर) का नुकसान होने की आशंका है, जो सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 13 प्रतिशत के बराबर है.

केंद्रीय बैंक ने पिछले साल नवंबर में युद्ध के मद्देनजर वर्ष 2023 के लिए विकास दर का अनुमान घटाकर दो प्रतिशत कर दिया था.

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