Sunday , 25 October 2020

‘मिशन लेंटाना’ का सुखद पहलु : खरपतवार के बीच दिखा दुर्लभ चिडि़या का परिवार

उदयपुर (Udaipur). सज्जनगढ़ वन्य जीव अभ्यारण में जैव विविधता को बचाने के लिए चल रहे पुलिस (Police) आईजी बिनीता ठाकुर के ‘आपरेशन लेंटाना’ के दौरान पुलिस (Police)कार्मिकों व पर्यावरणप्रेमियों श्रमदान करते वक्त खरपतवार लेंटाना की झाडि़यों के बीच रूंझिया के पेड़ पर घौंसलें में दुर्लभ चिडि़या का एक परिवार दिखाई दिया. खरपतवार से अटे पड़े इस अभयारण्य में इस दुर्लभ चिडि़या को देखकर पर्यावरणप्रेमियों में हर्ष व्याप्त है.

अभियान के तहत मंगलवार (Tuesday) को श्रमदान करते वक्त लेंटाना झाडि़यों से अटे रूंझिया के पेड़ पर  पक्षी विशेषज्ञ विनय दवे एवं उज्जवल दाधीच द्वारा दुर्लभ पक्षी व्हाइट बेलीड मिनीवेट का घौंसला दिखाई दिया. घौंसले के पास ही इस चिडि़या के परिवार का एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला जिसमें मादा एवं नर मिनीवेट अपने बच्चों के साथ अटखेलियां करते एवं उनको किट पतंगों की फिडिंग करते दिखाई दे रहे थे.

किट पतंगों के रूप में यह चिडि़या हर तीन मिनट में चिक्स को फिडिंग करा रही थी जिससे यहां कीट पतंगों की संख्या पर नियंत्रण के रूप में जैव विविधता का संरक्षण हो रहा है. इस अभयारण्य में लेंटाना खरपतवार जैव विविधता के लिए चुनौती बना हुआ है वहीं परिंदों के लिए उपयोगी वृक्षों की मौजूदगी और इस पर परिंदों का प्रजनन करना इसका सुखद पहलु भी है. नर मिनीवेट के द्वारा बच्चे को भोजन कराते समय का दुर्लभ फोटो वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर उज्ज्वल दाधीच ने क्लिक किया और इसकी वीडियोग्राफी भी की.

सुंदर चिडि़या है मिनीवेट: पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार नर मिनीवेट का ऊपरी शरीर काले रंग का  होता है. गर्दन में एक गोल नारंगी पैच होता है, जिसमें बाकी हिस्से सफेद रंग के होते हैं इसकी नारंगी दुम और पंखों पर सफेद निशान इसे और आकर्षक बनाती हैं. दूसरी तरफ मादा दिखने में सुस्त होती है एवं मादा का शरीर गहरे भूरे रंग का होता है. मुख्य रूप से मिनीवेट छोटे पादप फूल एवं कीड़ों को भोजन बनाती है.