Wednesday , 14 April 2021

नर्मदा किनारे कितनी है शराब दुकानें

जबलपुर, 29 दिसंबर . नर्मदा किनारे स्थित शराब दुकानों की स्थिति सहित 30 बिंदुओं पर आबकारी आयुक्त ने प्रदेश के सभी आबकारी उपायुक्तों और संभागीय उड़नदस्तों से जानकारी मांगी है. वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तावित आबकारी व्यवस्था के लिए गत दिवस जारी पत्र क्रमांक 7.ठेका/39/2020/1504 के जरिए सभी जानकारियां 21 दिसंबर तक मांगी गई है. जिले के साथ प्रदेश भर के आबकारी विभाग के कार्यालय में इन 30 बिंदुओं पर जानकारियां जुटाने की कवायद प्रारंभ हो गई है.

इन बिंदुओं पर मांगा प्रतिवेदन……….

पत्र में 30 बिंदुओं के अंतर्गत 2021-22 के लिए नवीनीकरण द्वारा निष्पादन की संभावनाए उसकी प्रक्रिया एवं प्रतिबंध पर प्रस्ताव, निर्धारित व्यवस्था में नवीनीकरण न होने की दशा में मदिरा दुकानों के निष्पादन की वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव, नवीन दुकानें खोले जाने, वर्तमान दुकानों को बंद करने, वर्तमान दुकानों के स्वरूप परिवर्तन, धरोहर राशि, प्रतिभूति राशि व उन्हें जमा किए जाने, ड्यूटी दरों के पुनरीक्षण, बेसिक लाईसेंस फीस के पुर्ननिर्धारण, एमएसपी एवं एमआरपी के निर्धारण, देशी-विदेशी मदिरा प्रदाय व्यवस्थाएं होटल, रेस्टॉरेंट बार लाईसेंस की स्वीकृति संबंधी शर्तों के पुनरीक्षण, बार लाइसेंसों की लाईसेंस फीस के निर्धारण, भांग एवं भांग घोंटा, भांग मिठाई के लाईसेंसों के निष्पादन, मद्य संयम में की गई कार्रवाई के साथ नर्मदा किनारे स्थित मदिरा दुकानों की अवस्थिति के संबंध में प्रस्ताव के साथ प्रतिवेदन मांगे गए हैं.

अन्य बिंदुओं पर भी मांगे प्रस्ताव………..

पत्र में मदिर की फटकर बिक्री की दुकानों के निष्पादन के संबंध में जिला समिति के गठन एवं कार्य, वैट, ई-टैंडर, ई-बिडिंग द्वारा मदिरा दुकानों, एकल समूहों के निष्पादन की व्यवस्था एवं शर्तों, आरक्षित मूल्य के निर्धारण, देशी विदेशी मदिरा की एकल दुकानों के समूह के पुर्नगठन, वार्षिक मूल्य, वार्षिक लाईसेंस फीस एवं न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी के निर्धारण, एकल समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानों में परस्पर वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत राशि के अंतरण, दुकान खोलने एवं बिक्री के समय के संबंध में, बार लाईसेंसों हेतु विदेशी मदिरा के प्रदाय, धारिता एवं विक्रय, विदेशी मदिरा भाण्डागार से प्रदायित विदेशी मदिरा पर देय परिवहन फीस एवं उसे जमा कराए जाने के संबंध में, ड्राफ्ट बीयर, निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी जमा करने सहित अन्य बिंदुओं पर संकलित जानकारियों के आधार पर समेकित प्रतिवेदन, स्पष्ट अभिमत के साथ ई-मेल द्वारा एवं हार्ड कॉपी में 21 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से भेजने की बात पत्र में कही गई है.

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