Thursday , 3 December 2020

चेन्नई दौरे पर गृहमंत्री शाह, पूर्व डीएमके सांसद केपी रामालिंगम थामेंगे भाजपा का हाथ

चेन्नई (Chennai) . देश के गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह तमिलनाडु (Tamil Nadu) की राजधानी चेन्नई (Chennai) के प्रवास पर हैं. इस दौरान वह कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. माना जा रहा है पूर्व डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) सांसद (Member of parliament) केपी रामालिंगम शनिवार (Saturday) को अमित शाह से मुलाकात करेंगे और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. इससे पहले केपी रामालिंगम ने तमिलनाडु (Tamil Nadu) में पार्टी मामलों के प्रभारी सीटी रवि से मुलाकात की है. पार्टी ने इसी साल मार्च महीने में पूर्व डीएमके सांसद (Member of parliament) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी गई थी क्योंकि उन्होंने कोरोना महामारी (Epidemic) पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में स्टालिन के प्रस्ताव से अलग राय रखी थी.

केपी रामालिंगम को इससे पहले 2014 में भी पार्टी से निलंबित किया गया था क्योंकि उन्होंने एमके अलागिरी को अपना समर्थन दिया था. रामालिंगम इससे पहले 1996 में डीएमके पार्टी से लोकसभा (Lok Sabha) सदस्य चुने गए थे. इसके बाद 2010 में उन्हें डीएमके ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया था. डीएमके में आने से पहले वह ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके) में थे और 1980 से 1984 के बीच विधायक भी रहे थे. सीटी रवि ने अमित शाह के दौरे से पहले विपक्षी दलों के चेताते हुए कहा है कि शाह के आने के बाद प्रदेश की किस्मत बदलने वाली है. वो यहां आएंगे और विपक्ष को ध्वस्त कर देंगे. विपक्षी दलों के लोग यहां से भाग खड़े होंगे.

वहीं डीएमके प्रवक्ता मनु सुंदरम ने उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि उनकी गिरफ्तारी से पता चलता है कि प्रदेश सरकार डीएमके के दबाव में है. उदयनिधि स्टालिन प्रदेश सरकार के खिलाफ कैंपेन शुरू करने वाले थे और बैठकों की सीरीज शुरू करने जा रहे थे. लेकिन इससे पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. यह दर्शाता है कि तमिलनाडु (Tamil Nadu) में कोई नियम कानून नहीं बचा है. इसलिए डीएमके की संभावनाओं को देखते हुए एआईएडीएमके चिंतित है. डीएमके पलानीस्वामी से डरने वाली नहीं है. हमारी पार्टी लोगों तक अपनी बात पहुंचाती रहेगी. बिहार (Bihar) फतह करने के बाद बीजेपी की नजर अब पश्चिम बंगाल (West Bengal) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) पर है. दोनों राज्यों में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है. अमित शाह पार्टी के राजनीतिक आधार को मजबूत करने के लिए चेन्नई (Chennai) पहुंच रहे हैं. भाजपा की ‘वेल यात्रा’ को मजबूत करने के साथ विभिन्न विषयों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अमित शाह चर्चा करेंगे.