हथियारों के सौदे में शामिल हिजबुल्लाह कमांडर ढेर : इजरायल

यरूशलम, 28 फरवरी . इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने पूर्वोत्तर लेबनान में हवाई हमले में हिजबुल्लाह कमांडर मोहम्मद महदी अली शाहीन को मारने का दावा किया. आईडीएफ के मुताबिक यह ऑपरेशन गुरुवार शाम को हुआ.

बयान में कहा गया कि खुफिया जानकारी के आधार पर इजरायली वायुसेना ने लेबनान के हरमेल शहर में शाहीन को निशाना बनाया.

लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दो ड्रोनों द्वारा किए गए हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक घायल हो गया.

आईडीएफ के मुताबिक शाहीन, लेबनान और इजरायल के बीच युद्ध विराम समझौते के प्रभावी होने के बाद से, सीरिया-लेबनान सीमा पर हथियारों की खरीद में शामिल था.

इसमें कहा गया, “शाहीन हिजबुल्लाह की ज्योग्राफिकल यूनिट का एक महत्वपूर्ण शख्स था, जो बेका क्षेत्र के लिए जिम्मेदार था. वह हाल ही में सीरिया से लेबनान तक हथियारों की आवाजाही में शामिल था.”

बयान में कहा गया, “उसकी हरकतें इजरायल के लिए खतरा पैदा करती हैं.”

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को पूर्वी लेबनान के हरमेल शहर में एक वाहन को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हवाई हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया.

सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने कहा कि इजरायली दो ड्रोन हमलों ने वाहन को टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया.

लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक तीसरा इजरायली हवाई हमला दक्षिणी लेबनान के ऐनाटा गांव के बाहरी इलाके में हुआ.

इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचे अद्राई ने कहा कि दिन में पहले ऐनाटा में हिजबुल्लाह की टोही साइट पर गतिविधियों का पता चला था, जिसे उन्होंने इजरायल और लेबनान के बीच समझौते का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि इजरायली वायु सेना के विमानों ने जवाब में साइट को निशाना बनाया.

27 नवंबर से इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से संघर्ष विराम समझौता जारी है. इससे हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच एक साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष पर रोक लगी है, जो गाजा में युद्ध के कारण शुरू हुआ था.

समझौते के तहत लेबनानी क्षेत्र से इजरायली सेना की वापसी के बावजूद, इजरायल ने 18 फरवरी की समय सीमा के बाद भी पांच प्रमुख सीमा बिंदुओं पर सैन्य उपस्थिति बनाए रखी है.

एमके/