नई दिल्ली, 2 मार्च . उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित एक हिंदुत्ववादी संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होली उत्सव के दौरान मुस्लिमों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है. संगठन का कहना है कि मुस्लिमों को इस त्योहार से दूर रखा जाना चाहिए.
संगठन (धर्म रक्षा संघ) का कहना है कि होली सनातन के लिए प्रेम और सद्भाव का त्योहार है. उन्होंने रंग बेचने या उत्सव में मुसलमानों के शामिल होने का भी विरोध किया.
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा, “बरेली में हुई हालिया घटनाओं से पता चलता है कि मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदुओं को धमका रहे हैं. हमने मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल और दाऊजी जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर होली समारोहों में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है.”
उन्होंने आरोप लगाया, “हमें अभी भी उनके इरादों से खतरा महसूस हो रहा है. वे अशांति पैदा कर सकते हैं.”
वहीं, धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश ने मुसलमानों को ‘अलगाववादी और जिहादी’ करार दिया.
आचार्य बद्रीश ने कहा, “यूपी सरकार को गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में गरबा उत्सवों में मुस्लिमों की भागीदारी पर लगाए गए प्रतिबंधों के समान प्रतिबंध लागू करना चाहिए. चूंकि वे रंगों और गुलाल पर आपत्ति करते हैं, इसलिए हमारे होली समारोहों में उनकी कोई जगह नहीं है. उन्हें दूर रखा जाना चाहिए और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए.”
इस बीच, श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के याचिकाकर्ता दिनेश शर्मा ने भी सीएम योगी को अपने खून से पत्र लिखकर ब्रज की होली में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहार के दौरान मुसलमान मिठाई पर थूक सकते हैं. हालांकि, शाही ईदगाह इंतेजामिया कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने कहा कि होली हमेशा शांति से मनाई जाती रही है. तनवीर मंदिर-मस्जिद विवाद में मुस्लिम पक्ष के कानूनी प्रतिनिधि हैं.
उन्होंने कहा, “ब्रज में होली हमेशा प्रेम और शांति के साथ मनाई जाती रही है. किसी भी समुदाय की ओर से कभी कोई शिकायत नहीं आई. यहां तक कि रसखान और ताज बीबी जैसे महान कृष्ण भक्त, जो मुस्लिम थे, भी पूजनीय हैं.”
उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न महाकुंभ के दौरान मुसलमानों ने हिंदू तीर्थयात्रियों को आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया था.
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