
शिमला, 31 मार्च . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने Tuesday को विधानसभा परिसर में कांग्रेस Government द्वारा प्रवेश शुल्क बढ़ाने और पेट्रोल एवं डीजल पर उपकर लगाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया.
पूर्व Chief Minister और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने Government की नीतियों को जनविरोधी करार दिया.
पूर्व Chief Minister ठाकुर ने कहा कि जहां केंद्र Government ने मध्य पूर्व की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल और डीजल पर वैट में 10 रुपए की कमी करके नागरिकों को राहत दी है, वहीं ठाकुर Government ऐसे फैसले लेती रही है जो न केवल जनता की कमर तोड़ रहे हैं, बल्कि उनका असर अब पंजाब और Haryana जैसे पड़ोसी राज्यों तक भी पहुंच गया है, जहां लोग और ट्रांसपोर्टर गैर-राज्य वाहनों पर प्रवेश शुल्क में वृद्धि के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं.
विपक्ष ने विशिष्ट आंकड़े पेश करते हुए स्पष्ट किया कि छोटे वाहनों पर प्रवेश शुल्क 40 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए और भारी वाहनों पर 40 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है. उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम न केवल तर्कहीन है, बल्कि Himachal Pradesh की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती भी है.
इसके अलावा, विधानसभा में एक अधिनियम पारित करके Government ने पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपए का ‘विधवा और अनाथ उपकर’ लगाकर जनता पर भारी बोझ डालने का रास्ता खोल दिया है.
विपक्ष के नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक जबरन वसूली के समान बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप्प होने की कगार पर पहुंच जाएंगी.
उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस कर वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने आज रात से राज्य में वाहनों के प्रवेश को रोकने की चेतावनी जारी की है, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है.
भाजपा ने Government पर बिगड़ती स्थिति से कोई सबक न लेने और जनहित को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है. इसके बजाय, अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर Government राज्य को आर्थिक अराजकता की ओर धकेल रही है.
विपक्ष ने कड़ी चेतावनी जारी की है: यदि Government जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रवेश शुल्क और ईंधन पर लगाए गए उपकर में तत्काल वृद्धि वापस नहीं लेती है, तो यह आंदोलन सदन से सड़कों तक और भी तेज किया जाएगा.
इसी बीच, Chief Minister सुखविंदर सुक्खु ने दोपहर के भोजन के बाद विधानसभा में एक बयान में टोल टैक्स बैरियरों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस संबंध में जानबूझकर भ्रम और असंतोष फैलाया जा रहा है.
उन्होंने घोषणा की कि टोल टैक्स संरचना की एक बार फिर समीक्षा की गई है और कारों से लेकर 12 सीटों वाले वाहनों तक के लिए प्रवेश कर की दरों को उनके पूर्व स्तर पर वापस लाने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्होंने पंजाब के Chief Minister भगवंत मान से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
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एमएस/