Monday , 26 July 2021

हाथरस कांड के वकील और गवाहों को धमकाने पर हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

लखनऊ (Lucknow) . हाईकोर्ट की लखनऊ (Lucknow) बेंच ने हाथरस कांड की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज एससी एसटी की कोर्ट में 5 मार्च 2021 को ट्रायल के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील और गवाहों को धमकाने के मामले में हाथरस के जिला जज और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) को 15 दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है.

हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट के बाद इस मामले के ट्रायल को कहीं और ट्रांसफर करने पर भी विचार होगा. कोर्ट ने राज्य सरकार (State government) और हाथरस जिला प्रशासन को आदेश दिया कि. कोर्ट ने कहा इस मामले के ट्रायल की वीडियोग्राफी भी करवाई जाए. कोर्ट ने सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) को पहले की तरह पीड़िता के परिजन, गवाह को सुरक्षा देने का आदेश भी दिया. जस्टिस राजन राय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने हाथरस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया.

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति ट्रायल को प्रभावित करने की कोशिश या पीड़िता के परिजनों, गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे आरोपियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई भी चलाई जाएगी. डिवीजन बेंच ने हाथरस के एससी एसटी स्पेशल कोर्ट को इस मामले की कार्रवाई “इन कैमरा” करवाने का आदेश भी दिया.

गौरतलब है कि पीड़िता के भाई की तरफ से अर्जी दी गई थी कि 5 मार्च को केस के ट्रायल के दौरान हाथरस में कुछ वकीलों और भीड़ ने पीड़िता के वकील को धमकाया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी (Varanasi) स्थित ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वेश्वरनाथ मंदिर विवाद में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंदिर ट्रस्ट की ओर से वाराणसी (Varanasi) जिला कोर्ट में दायर सिविल वाद की पोषणीयता को चुनौती दी गई है. मस्जिद की ओर से अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणसी (Varanasi) ने याचिका दाखिल कर जिला कोर्ट वाराणसी (Varanasi) में दायर सिविल वाद को खारिज करने की मांग की है.

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