रांची, 26 मार्च . हजारीबाग में रामनवमी के पहले 25 मार्च की रात निकाले गए ‘मंगला जुलूस’ के दौरान पथराव की घटना पर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित अन्य भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इस घटना के विरोध में भाजपा विधायकों ने झारखंड विधानसभा के बाहर पोर्टिको में तख्तियां लेकर प्रदर्शन भी किया.
झारखंड विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदुओं के पर्व-त्योहार के दौरान हमले किए जा रहे हैं. ऐसी घटनाओं के पीछे सरकार की तुष्टिकरण की नीति है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब सार्वजनिक स्थलों पर गड़बड़ी रोकने के लिए इतनी तकनीक उपलब्ध है, तो सरकार को इसका उपयोग करना चाहिए. धार्मिक आयोजनों वाले स्थानों पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरा लगा देना चाहिए. प्रशासन की ओर से वीडियोग्राफी करानी चाहिए. कोई भी व्यक्ति अगर कहीं हुड़दंग करता है या पत्थर चलाता है, तो उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.
मरांडी ने हजारीबाग की घटना में पत्थरबाजों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि कार्रवाई में कोई तुष्टीकरण नहीं होना चाहिए. यह नहीं होना चाहिए कि कुछ हिंदुओं और कुछ मुसलमानों पर कार्रवाई हो. झारखंड में या कहीं भी मुहर्रम के जुलूस पर हिंदुओं ने हमला नहीं किया है. ईद की नमाज और शुक्रवार की नमाज पर हिंदू कभी हमला नहीं करते. हमला तब होता है जब हिंदुओं के पर्व-त्योहार, मूर्ति विसर्जन या कोई जुलूस होता है. इस तरह के हमलों को रोकना सरकार का काम है.
रांची के भाजपा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह ने कहा कि हजारीबाग की घटना के पीछे जिहादी हैं. हिंदुओं के पर्व-त्योहार पर हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं. राज्य सरकार की तुष्टिकरण की नीति इसकी बड़ी वजह है. ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाए जाने चाहिए. हजारीबाग के भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मंगलवार रात शहर में जुलूस पर पत्थरबाजों के खिलाफ सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करे. इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं.
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एसएनसी/एफजेड