ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का खुलासा, चार साल से चल रहा था गोरखधंधा

जयपुर, 16 मई . राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि यह गोरखधंधा साल 2020 से चल रहा था.

उन्होंने बताया कि इस मामले में चिकित्सा विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी. ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में पहले दो कमेटी होती थी, साल 2022 में दोनों कमेटियों को एक साथ मर्ज किया गया था.

कमेटियों के मर्ज करने के बाद चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव और सरकारी प्रतिनिधित्व को हटा दिया गया था. डॉ. सुधीर भंडारी वीसी बन गए लेकिन उन्होंने सोटो का पद नहीं छोड़ा. वो स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) के पद पर बने हुए हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने में विभाग ने इस गोरखधंधे को उजागर करने के लिए हर संभव प्रयास किए. चिकित्सा विभाग की कमेटी ने इस मामले में रिपोर्ट सौंप दी है. एसीएस और अधिकारियों के साथ हमने इस पर मंथन किया, प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी बीते सप्ताह मिला था. उन्होंने एक सप्ताह में मामले का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए थे.

उन्होंने कहा कि हमने प्रिंसिपल और अधीक्षक को बर्खास्त करने के बाद अब डॉ. बागड़ी को भी बर्खास्त कर दिया है. हमें शर्मिंदा होना पड़ रहा है कि हमारे यहां ऐसा स्कैम हुआ.

उन्होंने कहा कि सुधांशु पंत जब केंद्र में स्वास्थ्य सचिव के पद पर थे तब उन्होंने हमें चेतावनी पत्र भेजा था, जिसमें लिखा था कि सोटो एसएमएस के अधीन थी तो आरयूएचएस के अधीन केसे चली गई. हमारा रोल अब खत्म हो चुका है. अब पुलिस कमिश्नर, एसीबी, मामले की जांच कर रहे हैं.

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