रांची, 27 फरवरी . हजारीबाग जिले के इचाक में बुधवार को महाशिवरात्रि के दिन दो समुदायों के बीच हिंसक टकराव, पथराव और आगजनी की घटना पर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग का सिलसिला तेज हो गया है. भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने जहां इस घटना के लिए सरकार की तुष्टिकरण की नीति को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि भाजपा और आरएसएस के लोगों ने सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की है.
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने हिंसक झड़प की घटना के लिए भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने गुरुवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा, ”मुझे हजारीबाग की घटना की जानकारी है. इस तरह की प्रवृत्ति नहीं चलेगी. वे लोग अल्पसंख्यक समाज को नीचा दिखा रहे हैं. राज्य में अल्पसंख्यक होना पाप नहीं है. हमारा समाज मेहनत और मजदूरी करता है. हम लोग सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. कानून जो भी हाथ में लेगा, उस पर हम कठोरतापूर्वक कार्रवाई करेंगे.”
अंसारी ने कहा, ”भाजपा और आरएसएस की विचारधारा समाज को तोड़ने वाली है. हम मोहब्बत का पैगाम देते हैं. देश प्यार से चलेगा. हम लोग अमन-चैन और शांति की बात करते हैं और ये लोग द्वेष की बात करते हैं.”
भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह ने कहा, ”इस राज्य में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं. हमारे त्योहारों में म्लेच्छ लोग पथराव करते हैं. हिंदुओं को एकजुट होकर ऐसे लोगों से लोहा लेने की जरूरत है. एक भी हिंदू पर पत्थर चलेगा तो इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा.”
उन्होंने झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के घटना के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराए जाने के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि इरफान के कहने से क्या होता है? उसकी औकात क्या है? मंत्री हो जाने से क्या होता है? सीपी सिंह ने नाराज लहजे में कहा, ”आरएसएस पिता लगता है इनका.”
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इरफान अंसारी की ओर से आरएसएस के खिलाफ दिए गए बयान को सरासर गलत बताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की जुबानी हरकत नहीं करनी चाहिए. घटना कैसे हुई, किसने कराई, इसकी सरकार जांच कराए. वह मंत्री हैं, उन्हें इस तरह की बात नहीं कहनी चाहिए.
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एसएनसी/एबीएम