Sunday , 29 November 2020

राज्यपाल ने नवनिर्मित भवन का ऑनलाइन लोकार्पण किया


जयपुर (jaipur) . राज्यपाल कलराज मिश्र ने ज्ञान आधारित जीवन्त समाज के निर्माण के लिए शिक्षण संस्थाओं में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का बेहतर वातावरण भी बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने शिक्षण को बोझिल होने से बचाने के लिए कला, विज्ञान और खेल कूद गतिविधियों के बेहतर समन्वय की जरूरत बताते हुए शिक्षण संस्थाओं को इस और विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया.

कलराज मिश्र राजभवन से मोहन लाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर (Udaipur)में भारत सरकार की परियोजना रूसा एवं स्थानीय निधि द्वारा अनुदानित राशि से नवनिर्मित दृश्य कला विभाग भवन, आर्ट गैलरी, भूगोल भवन, अन्तर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित सिंथेटिक लोन टेनिस ग्राउंड, स्पोर्ट्स बोर्ड ऑफिस भवन, वूमन फेकल्टी रूम एवं स्टोर आदि के ऑनलाइन लोकार्पण के बाद सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने विश्वविद्यालय में बने नए भवनों को विश्वविद्यालय के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप बेहतर शोध और अनुसंधान पर भी शिक्षण संस्थान विशेष रूप से ध्यान दें.

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत केन्द्रित है. इसके अनुरूप प्रदेश के विश्वविद्यालय अपने यहां रोजगारोन्मुख व्यावसायिक पाठ्यक्रम बनाकर उनके प्रभावी शिक्षण की भी व्यवस्था करें.राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का विकास करता है. इसलिए यह जरूरी है कि शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद गतिविधियों को भी निरंतर बढ़ावा दिया जाए.

उन्होंने सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में उच्च स्तर का तरणताल बनाए जाने और वहां पर तैराकी के प्रशिक्षण की व्यवस्था किए जाने का भी सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि उदयपुर (Udaipur)और आस-पास के क्षेत्रों में झीलों और पानी के स्त्रोतों की कमी नहीं है. आदिवासी और ग्रामीण समुदाय के विद्यार्थियों को विधिवत यदि तैराकी का प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्तर पर मिलता है तो देश को अन्तर्राष्टीय स्तर के तैराक मिल सकते हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित लॉनटेनिस ग्राउण्ड बनाए जाने की भी सराहना की तथा कहा कि इससे विद्यार्थियेां को अपनी खेल प्रतिभा में आगे बढऩे के बेहतरीन अवसर मिल सकेंगें.