Wednesday , 29 January 2020
मत्स्य पालन पर सरकार अगले 5 साल में खर्च करेगी 45 हजार करोड़

मत्स्य पालन पर सरकार अगले 5 साल में खर्च करेगी 45 हजार करोड़

केंद्र सरकार देश की पहली राष्ट्रीय मत्स्य नीति का ड्रॉफ्ट तैयार कर रही है. इस नीति के तहत अगले 5 साल में मरीन फिशरी, एक्वाकल्चर और मरीन कल्चर के विकास पर 45 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. मौजूदा वक्त में केवल मरीन फिशरी को लेकर पॉलिसी मौजूद हैं, जिसका प्रोडक्शन करीब 4.3 मिलियन टन सालाना है. लेकिन इनलैंड फिशरी को लेकर फिलहाल कोई पॉलिसी नहीं है, जबकि इनलैंड फिशरी का प्रोडक्शन करीब 23 मिलियन टन है.

पॉलिसी को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

हालांकि नई राष्ट्रीय मत्स्य पालन पॉलिसी के अंतर्गत सभी तरह की मत्स्य पालन का कारोबार आएगा. इसके तहत न केवल असंगठित मतस्य पालन कारोबार आएगा, बल्कि मरीन, एक्वाकल्चर और मरीनकल्चर के साथ ही ट्रेसबिलिटी मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी. ड्राफ्ट पॉलिसी को जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. ऐसे में देश को एक स्थायी मत्स्य पॉलिसी मिल सकेगी.

जल्द आएगी नई नीति

बता दें कि अभी तक देश में मतस्य पालन को लेकर एक स्कीम लागू थी, जिसकी अवधि 5 के लिए होती है. वहीं दूसरी तरह मतस्य पालन को लेकर आंशिक तौर पर विश्व बैंक की तरफ से फंड जारी किया जाता है, जो कि 8 साल के लिए होता है. ऐसे में पॉलिसी आने से इस समस्या का निदान हो सकेगा. मतस्य पालन को लेकर जुलाई 2019 में प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के नाम से स्कीम शुरू की गई थी.