
चंडीगढ़, 9 जून . शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने देश में बढ़ती महंगाई पर चिंता जाहिर की. उन्होंने Government से अपील की है कि इस महंगाई पर अंकुश लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाए.
उन्होंने Tuesday को से बातचीत में कहा कि महंगाई से देश की जनता परेशान है. पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है. इससे लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव देखने को मिल रहा था, तब Government ने अपने स्तर पर मुनाफा अर्जित करने का प्रयास किया और अब जब धरातल पर स्थिति सकारात्मक हो रही है, तो Government को सामने आकर लोगों पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए. चुनाव के दौरान फौरी राहत दी गई थी. अब फिर लोगों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो चुकी है.
उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम में वैट जोड़ने के बाद इसकी कीमत इतनी ज्यादा हो चुकी है कि अगर इसे थोड़ा कम भी कर दिया जाए, तो निश्चित तौर पर लोगों को फायदा पहुंचेगा. लोगों के लिए स्थिति सामान्य होगी. जितना ज्यादा केंद्र Government कमा रही है, उससे कहीं ज्यादा पैसा राज्य Government अपनी तरफ से टैक्स लगाकर कमा रही है. दोनों ही Governmentों के लिए जरूरी हो जाता है कि वो करों में कटौती करे.
उन्होंने पंजाब की स्थिति को लेकर कहा कि अब कानून-व्यवस्था की बातें सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह चुकी हैं. राज्य में स्थिति इस कदर विकराल हो चुकी है कि लोग घरों में भी महफूज नहीं हैं. लोग अपने दरवाजे के पास भी सुरक्षित नहीं हैं. Police कार्यालय से लेकर भाजपा के दफ्तर पर हमले हो चुके हैं. राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी है, इसका आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं. यहां तक कि मंदिरों के पास भी हमले हो चुके हैं. इस हमले की चपेट में आकर कई Policeकर्मियों को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है. कई Political दलों के नेताओं पर भी हमले हो चुके हैं.
उन्होंने राज्य में लोगों के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ युवा वर्ग ही नशे की चपेट में थे. लेकिन, आज बच्चे और लड़कियां भी नशे की चपेट में हैं. यहां तक सीमा पार से हथियारों की भी बड़े पैमाने पर आपूर्ति हो रही है. अफसोस की बात है कि केंद्र से लेकर राज्य Government तक इस पर अंकुश लगाने की दिशा में नाकाम साबित हो रही है. इससे पंजाब की बर्बादी हो रही है. मौजूदा समय में जिस तरह की पंजाब की स्थिति बनी हुई है, उसे देखते हुए निवेशक यहां आने से परहेज कर रहे हैं.
उन्होंने Political दलों की ओर से आम लोगों को रिझाने के मकसद से जनकल्याणकारी योजनाओं को शुरू करने पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कई बार देखने को मिलता है कि लोग बिना किसी वित्तीय जानकारी के लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाते हैं. बाद में मालूम पड़ता है कि उनके पास इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट ही नहीं है. मुझे लगता है कि चुनाव आयोग को सामने आकर Political दलों को इस तरह के कदम उठाने से रोक देना चाहिए.
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एसएचके/एबीएम