Sunday , 28 February 2021

ऑटो सेक्टर को उम्मीद, बजट में लक्जरी कारों पर टैक्स कटौती करेगी सरकार

नई दिल्ली (New Delhi) . लग्जरी कार कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार आगामी आम बजट में वाहनों पर टैक्स में कटौती करने पर ‎विचार कर सकती है. ऊंचे टैक्सेशन की वजह से प्रीमियम कारों का बाजार आगे नहीं बढ़ पा रहा है. कोरोना (Corona virus) महामारी (Epidemic) से भी वाहनों का यह खंड प्रभावित हुआ है. इन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि लग्जरी कारों पर यदि करों में बढ़ोतरी होती है, तो इससे मांग प्रभावित होगी और यह क्षेत्र पिछले साल शुरू हुई अड़चनों से उबर नहीं पाएगा.

मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ मार्टिन श्वेंक ने कहा ‎कि कोई भी ऐसी चीज जिससे क्षेत्र की मांग प्रभावित होती हो, उससे हमें बचना चाहिए, क्योंकि आ‎खिर में इससे समस्या पैदा होगी.’ उनसे पूछा गया था कि कंपनी आगामी बजट में करों के मोर्चे पर सरकार से क्या उम्मीद कर रही है. वाहनों पर कर कटौती की मांग करते हुए श्वेंक ने कहा ‎कि इस क्षेत्र पर कर की दर पहले ही काफी ऊंची है. आयात शुल्क से लेकर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तक, लग्जरी कारों पर उपकर 22 फीसदी तक है.

मेरा मानना है कि हमारा लक्ष्य क्षेत्र की वृद्धि को समर्थन देना और कर घटाने का होना चाहिए. हमें इसका रास्ता ढूंढना चाहिए.’इसी तरह की राय जताते हुए ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि लग्जरी कार बाजार अभी कोविड-19 (Covid-19) की वजह से पैदा हुई अड़चनों से उबर रहा है. आगे क्षेत्र के लिए काफी चुनौतियां हैं. एक चुनौती निश्चित रूप से लग्जरी कारों पर ऊंचे टैक्सेशन की है. इसकी वजह से देश का लग्जरी कार बाजार कुल वाहन बाजार के एक फीसदी पर बना हुआ है. पिछले साल यानी 2020 में यह संभवत: घटकर से 0.7 से 0.8 फीसदी रह गया है.

लैम्बोर्गिनी इंडिया के प्रमुख शरद अग्रवाल ने कहा कि सुपर लग्जरी खंड को सरकार से निरंतरता कायम रखने की उम्मीद है. इस खंड को 2020 में काफी नुकसान हुआ है. हम चाहते हैं कि 2021 में यह क्षेत्र कम से कम 2019 के स्तर पर पहुंच जाए. हम अभी वृद्धि की उम्मीद नहीं कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि यह क्षेत्र 2019 का स्तर हासिल कर ले. यदि लग्जरी कारों पर कर बढ़ता है, तो इस क्षेत्र पर काफी अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

Please share this news