Monday , 19 April 2021

MSME बकाया के समाधान के लिए नई योजना बनाने और कानून पर विचार कर रही है सरकार : गडकरी


कोलकाता (Kolkata) . केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) बकाया के समाधान के लिए सरकार नई योजना बनाने और कानून पर गंभीरता से विचार कर रही है. यह बात केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एमएसएमई की प्राप्तियों के मुद्दे की वजह से क्षेत्र में कार्यशील पूंजी की समस्या पैदा हो रही है. उन्होंने कहा कि प्राप्ति का मुद्दा क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है.

इस मौके पर चैंबर के अध्यक्ष रमेश कुमार सराओगी ने सुझाव दिया कि सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ बकाया के मुद्दे की निगरानी के लिए बाहरी एजेंसी की नियुक्ति की जानी चाहिए. मई में घोषित आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत घोषणा की गई थी कि केंद्र सरकार (Central Government)की एजेंसियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर एमएसएमई के बकाया का भुगतान 45 दिन में किया जाना चाहिए. केंद्र ने 10 दिसंबर को जारी बयान में कहा था कि पिछले सात माह के दौरान केंद्र सरकार (Central Government)की एजेंसियों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों ने एमएसएमई के 21,000 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान किया है.

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