Tuesday , 27 July 2021

सरकार ने MSP पर 400 लाख टन से अधिक रिकॉर्ड गेहूं खरीदा

नई दिल्ली (New Delhi). केंद्र ने कहा कि उसने अप्रैल में शुरू हुए चालू विपणन वर्ष में रिकॉर्ड 400.45 लाख टन गेहूं की खरीद की है, जिसकी लागत 79,088 करोड़ रुपए आई है. नवंबर 2020 के आ‎खिर से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध के बीच गेहूं की रिकॉर्ड खरीद हासिल की गई है. किसान संघ तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात (Gujarat), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)और जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2021-22 के चालू रबी ‎‎विपणन सत्र में गेहूं की खरीद एमएसपी पर सुचारू रूप से जारी है, जैसा कि पिछले सत्र में भी किया गया था. गेहूं की खरीद 27 मई तक 400.45 लाख टन की हो चुकी है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 353.09 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी. एक सरकारी बयान में कहा गया ‎कि एमएसपी मूल्य पर चल रहे खरीद अभियान से लगभग 42.36 लाख किसान पहले ही लाभान्वित हो चुके हैं.

खरीद पूरे 2020-21 विपणन वर्ष में हासिल किए गए 389.92 लाख टन के पिछले उच्च स्तर को पार कर गई है. रबी विपणन सत्र 2021-22 अप्रैल से मार्च तक चलता है लेकिन अधिकांश खरीद जून में होती है. सरकारी स्वामित्व वाली संस्था भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) खाद्यान्नों की खरीद और वितरण के लिए प्रमुख एजेंसी है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत, केंद्र लगभग 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो गेहूं और चावल की बिक्री 2-3 रुपए प्रति किलोग्राम की अत्यधिक रियायती दर पर करता है.

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