Wednesday , 28 July 2021

गोलकीपर गुरप्रीत को मिलती है दिग्गज धावक मिल्खा सिंह के शब्दों से प्रेरणा

नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय फुटबॉल टीम के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा है कि उन्हें अब भी दिग्गज धावक मिल्खा सिंह के ये शब्द ‘तुम्हें रूकना नहीं है’ अब भी प्रेरित करते हैं. गुरप्रीत के अनुसार मिल्खा की इस सलाह से यूरोपीय कार्यकाल के दौरान उन्हें अच्छी सहायता मिली थी. गुरप्रीत ने 2015 में चंडीगढ़ (Chandigarh) में एक समारोह में मिल्खा सिंह से पुरस्कार लेने के दिन को याद करते हुए कहा, ‘उन्होंने उन्होंने मुझ से कहा था, ‘कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है.

’गुरप्रीत ने कहा, ‘उस समय, मैं एफसी स्टैबेक के साथ नॉर्वे में क्लब फुटबॉल खेल रहा था, जहाँ हर दिन खुद को साबित करने और शुरुआती टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना होता था. विदेश में रहते हुए यह एक बड़ी चुनौती थी, ऐसे भी दिन थे जब खुद का उत्साह बनाए रखना कठिन था.’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि, मैं तब इस महान एथलीट की सलाह को याद करता था. वे एक महान प्रेरक थे और मुझे हर दिन मुझे प्रेरित करते थे.’

इस गोलकीपर ने कहा, ‘उन्होंने मुझसे जो शब्द बोले वो आज भी मुझे याद हैं और प्रेरणा के बहुत बड़े स्रोत आगे भी बने रहेंगे. जब भी मैं अपने देश के लिए फुटबॉल के मैदान पर संघर्ष करूंगा तब उनके शब्द और आशीर्वाद मेरे पास रहेगा.’ गुरप्रीत 2014 में नार्वे के एफसी स्टैबेक के प्रतिनिधित्व के साथ यूरोप के शीर्ष डिवीजन में खेलने वाले पहले भारतीय फुटबॉलर बने थे. वह टीम के साथ 2017 तक बने रहे और इस दौरान 2016 में यूरोपा लीग (यूरोपीय फुटबॉल की दूसरी स्तर की क्लब प्रतियोगिता) में खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे.

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