बुलंदशहर, 3 अप्रैल . जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि इसे सख्ती से लागू करने की जरूरत है, ताकि समस्या का समाधान हो सके. उन्होंने इस विधेयक को जरूरी बताया है.
यूपी के बुलंदशहर में मीडिया से बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने बताया कि विधेयक लोकसभा से पास हो गया है, कानून बनने के बाद इसे सख्ती से लागू करना होगा. उन्होंने कहा कि जमीनों को बचाने के लिए यह कदम बहुत जरूरी था, क्योंकि वक्फ संपत्तियां हड़पी जा रही थीं.
इस दौरान, उन्होंने सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर भी बयान दिया. आजाद ने कहा कि मुस्लिम आबादी बढ़ रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोग सड़कों पर नमाज पढ़ेंगे. लोगों को सबका ध्यान रखना चाहिए, ताकि किसी को तकलीफ न पहुंचे.
उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने से अच्छा होगा कि प्रशासन से अनुमति लेकर किसी पार्क या किसी खाली जगह पर नमाज पढ़ा जाए. उन्होंने कहा कि यह आधे घंटे के लिए होता है, जो किसी भी खाली जगह पर पढ़ा जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित हो गया.
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विधेयक सदन में पेश किया और चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है. विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई.
इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली. इसके अलावा, मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 का निरसन करने वाला मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया.
–
डीएससी/एबीएम