एफटी, ओसीसीआरपी की रिपोर्टें भारतीय निवेशकों को प्रभावित करने में विफल, अदाणी समूह के शेयरों में तेजी जारी

नई दिल्ली, 23 मई . दो विदेशी मीडिया संगठनों – द फाइनेंशियल टाइम्स और जॉर्ज सोरोस समर्थित ओसीसीआरपी द्वारा पहले जैसे आरोपों के साथ अदाणी समूह पर बार-बार हमले, ऐसी चीजें हैं, जिसे बाजार ने गंभीरता से लेना बंद कर दिया है.

रिपोर्टों के बावजूद अदाणी समूह के बाजार पूंजीकरण में बुधवार को 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका कुल बाजार पूंजीकरण 200 अरब डॉलर हो गया.

अदाणी समूह का स्टॉक, अदाणी पावर, पिछले दिन के बंद से 2.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ.

यह तीसरी बार है, जब दो विदेशी मीडिया संगठनों ने अदाणी समूह पर नकारात्मक रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए हाथ मिलाया है. निवेशकों का मानना ​​है कि हमले स्टॉक की कीमतों को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर किए गए प्रयास हैं.

ताजा रिपोर्ट फिर से चल रहे आम चुनावों के बीच की है, जिससे एक बार फिर समय को लेकर संदेह पैदा हो गया है.

इसके अलावा, एफटी और ओसीसीआरपी रिपोर्ट में उल्लिखित लेनदेन की पुरानेपन को स्टॉक के लिए ‘कोई जोखिम नहीं’ वाली घटना माना जाता है.

दो पश्चिमी मीडिया समूहों की नवीनतम रिपोर्टों में अदाणी समूह पर 10 साल पहले उच्च मूल्य वाले कोयले की कीमत पर भारत में निम्‍न-श्रेणी के आयातित कोयले को बेचने का संदेह है और आरोप का एक हिस्सा यूपीए सरकार के समय का है.

निवेशकों को अदाणी ग्रुप के शेयरों में मजबूत वैल्यू दिख रही है. पिछले एक साल में समूह का बाजार पूंजीकरण 57 प्रतिशत बढ़ गया है और अब 200 अरब डॉलर हो गया है.

एसजीके/